विदेश की खबरें | जी-7 की बैठक में रूस के खिलाफ ‘एकता’ की अपील, यूक्रेन की वित्तीय मदद करेगा यूरोपीय संघ

यूरोपीय संघ के विदेश मामलों संबंधी उच्च प्रतिनिधि जोसेप बोरेल ने उम्मीद जताई कि कुछ देशों के संदेह के बावजूद जल्द ही यूरोपीय संघ के सदस्य देश रूस के खिलाफ तेल प्रतिबंध लगाने पर सहमत हो जाएंगे।

जर्मनी के बाल्टिक सागर तट पर वीसेनहॉस में जी-7 देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक से ठीक पहले बोरेल ने कहा, ‘‘हम यूक्रेन की सेना की सहायता के लिए 52 करोड़ डॉलर की और मदद देंगे। यह राशि भारी हथियार खरीदने के लिए आवंटित की जा रही है। इसी के साथ यूरोपीय संघ की ओर से यूक्रेन को मिलने वाली कुल वित्तीय मदद का आंकड़ा 2.1 अरब डॉलर पर पहुंच गया है। ’’

बोरेल ने कहा कि बैठक में जर्मनी, ब्रिटेन, कनाडा, फ्रांस, इटली, जापान और अमेरिका के शीर्ष कूटनीतिज्ञ भाग ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस बैठक में रूस पर और आर्थिक प्रतिबंध लगाकर दबाव बनाने, मॉस्को को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग करने और रूस की ओर से फैलाई जा रही झूठी खबरों पर रोक लगाने की योजना बनाई जाएगी।

रूस पर संभावित तेल प्रतिबंध को लेकर यूरोपीय संघ के राजननियकों का सोमवार से बातचीत प्रस्तावित है। हालांकि हंगरी ने इस कदम का विरोध किया है, क्योंकि वह तेल के लिए रूस से आयात पर बहुत अधिक निर्भर है। बहरहाल, बोरेल ने उम्मीद व्यक्त की है। उन्होंने कहा, ‘‘इस पर सहमति बनाने की जरूरत है और हम बना लेंगे।’’ ईयू के सदस्य देशों की संख्या 27 है।

ब्रिटेन की विदेश मंत्री लिज ट्रस ने कहा, ‘‘इस समय यह बहुत महत्वपूर्ण है कि हम यूक्रेन को अधिक हथियारों की आपूर्ति करके और प्रतिबंधों को बढ़ाकर व्लादिमीर पुतिन पर दबाव बनाए रखें। स्वतंत्रता और लोकतंत्र की रक्षा के लिए इस संकट के दौरान जी -7 की एकता महत्वपूर्ण है।’’

वीसेनहॉस बैठक के मुद्दों में से एक प्रमुख मुद्दा यूक्रेन में फंसे लाखों टन अनाज को लोगों के लिए मुक्त कराना है, क्योंकि दुनिया में भोजन की कमी दूर करने के लिए ऐसा करने की तत्काल जरूरत है। सुरक्षा प्रदान करने के लिए हैम्बर्ग के उत्तर-पूर्व में बैठक के आयोजन स्थल पर लगभग 3,500 पुलिस अधिकारियों को तैनात किया गया था।

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