अमरावती, 13 जुलाई आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने सोमवार को अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे सुनिश्चित करें कि विभिन्न विभागों, सहकारी संघों, विश्वविद्यालयों में कार्यरत निविदा कर्मियों को नियमित सरकारी कर्मचारियों की तरह समय पर वेतन मिले।
वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक में मुख्यमंत्री ने निविदा कर्मियों को वेतन जारी करने में हुई देरी के मुद्दे पर चर्चा की।
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आधिकारिक विज्ञप्ति के मुताबिक मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा, ‘‘ निविदा कर्मियों को वेतन ऑनलाइन दिया जाना चाहिए और नियमित कर्मचारियों की तरह उनके बैंक खातों में पैसा भेजा जाना चाहिए।’’
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे निविदा कर्मियों के सामाजिक और चिकित्सा सुरक्षा के संबंध में रिपोर्ट तैयार करें।
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बैठक में रेड्डी ने उल्लेख किया कि पिछली सरकार ने राज्य विधानसभा चुनाव से ठीक पहले जल्दबादजी में 54 हजार निविदा कर्मियों को न्यूनतम समय- श्रेणी आधारित वेतन दिया था, लेकिन वास्तव में कुछ नहीं किया था।
उन्होंने कहा, ‘‘ जुलाई 2019 में निविदा कर्मियों के लिए न्यूनतम समय-श्रेणी आधारित वेतन लागू किया गया। इसके लिए सरकार ने एक हजार करोड़ रुपये का बोझ वहन किया।’’
मुख्यमंत्री ने कहा कि मार्च 2017 के मुकाबले 95 प्रतिशत वेतन वृद्धि की गई।
इस बैठक में मुख्य सचिव नीलम साहणे सहित कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
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