देश की खबरें | आईआईएम जम्मू में आनंदम : द सेंटर फॉर हैप्पीनैस का उद्घाटन

नयी दिल्ली, 30 मार्च छात्रों को तनावपूर्ण माहौल से मुक्ति दिलाने और उनके मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने के लिए मंगलवार को आईआईएम जम्मू में ‘आनंदम : द सेंटर फॉर हैप्‍पीनैस’ का उद्घाटन किया गया ।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने डिजिटल माध्‍यम से आईआईएम जम्मू में आनंदम : द सेंटर फॉर हैप्‍पीनैस का उद्घाटन करते हुए इसकी समसामयिकता पर कहा, "आज की इस गतिशील दुनिया में जहां हम हर रोज नई चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, खासकर कोरोना जैसी महामारी के कारण, तो ऐसे में छात्रों को अपने मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देना होगा।’’

उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य के बारे में लोगों को संवेदनशील बनाना और उन्हें इसे शारीरिक स्वास्थ्य के समान ही महत्व देने के लिए प्रोत्साहित करना, बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में आईआईएम जम्मू में आनंद या खुशी पर आधारित यह केंद्र पूरी तरह से मानसिक कल्याण के लिए समर्पित है। यह अपने आप में एक अनूठी पहल है और निश्चित रूप से यह अपनी स्थापना के उद्देश्यों को पूरा करेगा।"

उन्होंने कहा कि छात्रों के लिए अकादमिक पाठ्यक्रम में आनंदम को शामिल करना एक महत्वपूर्ण कदम है और इसने देश के अन्‍य संस्‍थानों को अपना सेंटर फॉर हैप्‍पीनेस बनाने को प्रोत्‍साहित किया है।

इस अवसर पर जम्‍मू-कश्‍मीर के उपराज्‍यपाल मनोज सिन्‍हा और आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन के संस्‍थापक श्री श्री रविशंकर भी उपस्थित थे।

शिक्षा मंत्रालय के बयान के अनुसार, निशंक ने कहा कि आनंदम : द सेंटर फॉर हैप्‍पीनैस 2021 तक हमारी शिक्षा व्‍यवस्‍था में पूरी तरह बदलाव लाने के लक्ष्‍य को प्राप्‍त करने में राष्‍ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के साथ सामंजस्‍य बनाता है।

मंत्री ने कहा कि छात्रों और अध्‍यापकों को अंतिम समय-सीमा, पाठ्यक्रम, पठन-पाठन के दबाव और पेशेगत तथा निजी जीवन के दबावों से गुजरना पड़ता है जिससे उनमें अवसाद और व्‍यग्रता बढ़ती है।

निशंक ने कहा कि यह केंद्र छात्रों और शिक्षकों दोनों को मानसिक तनाव से उबरने और सकारात्‍मकता का प्रसार करने में मदद करेगा। इसके साथ ही यह आई. आई. एम. जम्‍मू के सभी हितधारकों में समग्र विकास की भावना को प्रोत्‍साहित करेगा और उसका प्रसार करेगा।

निशंक ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य के बारे में लोगों को संवेदनशील बनाना और उन्हें इसे शारीरिक स्वास्थ्य के समान ही महत्व देने के लिए प्रोत्साहित करना, बेहद महत्वपूर्ण है।

अपने संदेश में उन्होंने कहा, "आईआईएम जम्मू में आनंद या खुशी पर आधारित यह केंद्र पूरी तरह से मानसिक कल्याण के लिए समर्पित है. यह अपने आप में एक अनूठी पहल है."

उल्लेखनीय है कि ‘आनंदम : द सेंटर फॉर हैप्‍पीनैस’ के माध्यम से पांच श्रेणियों में कुछ प्रमुख गतिविधयां होंगी जिनमें काउंसलिंग, समग्र कल्‍याण, आनंद का विकास, अनुसंधान और नेतृत्‍व तथा विषय संबंधी विकास जैसे कुछ चुनिंदा पाठ्यक्रम शामिल हैं।

केंद्र के लिए विशेषज्ञों का एक सलाहकार मंडल होगा जिनमें अकादमिक, अनुसंधान और उद्योग क्षेत्रों के विभिन्‍न विशेषज्ञ शामिल होंगे।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)