नयी दिल्ली, 24 मार्च उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना के दूसरे चरण में कुल 25 कंपनियों ने विशेष इस्पात के लिए 17,000 करोड़ रुपये के निवेश की प्रतिबद्धता जताई है। एक आधिकारिक बयान में सोमवार को यह जानकारी दी गई।
बयान के मुताबिक, इन कंपनियों ने उच्च श्रेणी का इस्पात बनाने के लिए सरकार के साथ 42 समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं।
केंद्रीय इस्पात और भारी उद्योग मंत्री एच डी कुमारस्वामी ने जनवरी में विशेष इस्पात के लिए पीएलआई योजना के दूसरे चरण की शुरुआत की थी। इसे पीएलआई योजना 1.1 कहा गया।
इस्पात मंत्रालय ने कहा, ‘‘दूसरे दौर में अधिक उत्साह देखा गया है, जिसमें 25 कंपनियों ने 42 आवेदन किए हैं। इसके तहत 17,000 करोड़ रुपये के निवेश की प्रतिबद्धता जताई गई है।’’
कंपनियों ने पांच तरह के उच्च श्रेणी के इस्पात का उत्पादन करने के लिए इस्पात मंत्रालय के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।
पीएलआई योजना के पहले दौर में 23 कंपनियों ने 44 आवेदन किए थे, जिनमें से एक परियोजना के लिए प्रोत्साहन पहले ही जारी किया जा चुका है।
कुमारस्वामी ने कहा, ‘‘घरेलू स्तर पर हम विशेष इस्पात का विनिर्माण नहीं कर रहे हैं, लेकिन मैं व्यक्तिगत रूप से अपने इस्पात विनिर्माताओं से विशेष इस्पात संयंत्रों में निवेश करने का अनुरोध करता हूं। यदि आप घरेलू स्तर पर विशेष इस्पात का उत्पादन करने में सफल हुए तो इससे देश में क्षमता और उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा।’’
उन्होंने कहा, ‘‘पीएलआई योजना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। भारत इस्पात का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक और उपभोक्ता है, इसके बावजूद हम अब भी कुछ उच्च श्रेणी की किस्मों का आयात करते हैं। योजना का मकसद घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देकर इस अंतर को कम करना है।’’
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