जरुरी जानकारी | चालू वित्त वर्ष में तराशे व पॉलिश हीरे के निर्यात में 15 प्रतिशत की गिरावट का अनुमान

मुंबई, 31 अगस्त पिछले दो वित्त वर्षों में मजबूत वृद्धि दर्ज करने के बाद तराशे और पॉलिश हीरे (सीपीडी) के निर्यात में अप्रैल-जुलाई की अवधि में 32 प्रतिशत की गिरावट आई है। एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है।

केयर-एज रेटिंग्स की रिपोर्ट के अनुसार, तराशे और पॉलिश किए गए हीरे (सीपीडी) का निर्यात चालू वित्त वर्ष में 15 प्रतिशत घट सकता है।

रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2021-22 में सीपीडी निर्यात बढ़कर 24.43 अरब डॉलर हो गया, जबकि वित्त वर्ष 2022-23 में यह मामूली गिरावट के साथ 22.04 अरब डॉलर का रहा।

एजेंसी ने निर्यात में भारी गिरावट के लिए प्रमुख हीरे की खपत वाले बाजारों में मौजूदा उच्च मुद्रास्फीति के दबाव को जिम्मेदार ठहराया।

इसके चलते, सीपीडी निर्यात चालू वित्त वर्ष के पहले चार माह में एक साल पहले की समान अवधि की तुलना में 32 प्रतिशत गिर गया।

एजेंसी को उम्मीद है कि चालू वित्त वर्ष में सीपीडी निर्यात लगभग 10-15 प्रतिशत घटकर लगभग 19 अरब डॉलर रह जाएगा।

जहां प्राकृतिक हीरा एक अस्थायी विघटनकारी चरण से गुजर रहा है, प्रयोगशाला में विकसित हीरा (एलजीडी) खंड में उभार दिखाई दे रहा हैं।

वित्त वर्ष 2022-23 को समाप्त होने वाले पिछले चार वर्षों में एलजीडी के निर्यात में लगभग 41 प्रतिशत का उछाल आया, क्योंकि ये प्राकृतिक हीरों की तुलना में बहुत सस्ते हैं।

अनुकूल मांग परिदृश्य को देखते हुए क्षमता में बड़ी वृद्धि के साथ एलजीडी निर्यात वित्त वर्ष 2025-26 तक तीन अरब डॉलर को पार कर जाने की उम्मीद है।

वैश्विक हीरे के आभूषणों का बाजार वर्ष 2022 में लगभग 80 अरब डॉलर का था, जबकि पॉलिश किए गए हीरे का बाजार लगभग 26 अरब डॉलर का था।

भारत कच्चे हीरे के प्रसंस्करण के करने के मामले में दुनिया का सबसे बड़ा केंद्र है। दुनिया में पॉलिश हीरे के कुल उत्पादन का में भारत का हिस्सा 95 प्रतिशत है।

यहां पॉलिश किए गए अधिकांश हीरे अमेरिका, संयुक्त अरब अमीरात, हांगकांग और बेल्जियम को निर्यात किए जाते हैं। पॉलिश किए गए हीरे की खपत का 50 प्रतिशत से अधिक हिस्सा अकेले अमेरिका में है।

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