Gujarat: अंतिम वोटर लिस्ट से पहले, गुजरात SIR में लगभग 17 लाख आवेदन दाखिल किए गए
गुरुवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, गुजरात में चल रहे चुनावी लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) के दौरान 16.76 लाख से ज्यादा आवेदन मिले हैं, जिनमें से 6.88 लाख वोटर अपना नाम शामिल करवाना चाहते हैं और 9.88 लाख नाम हटाने का अनुरोध कर रहे हैं.
गांधीनगर, 29 जनवरी: गुरुवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, गुजरात (Gujarat) में चल रहे चुनावी लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (Special Intensive Revision) यानी एसआईआर (SIR) के दौरान 16.76 लाख से ज्यादा आवेदन मिले हैं, जिनमें से 6.88 लाख वोटर अपना नाम शामिल करवाना चाहते हैं और 9.88 लाख नाम हटाने का अनुरोध कर रहे हैं. यह रिवीजन प्रक्रिया भारत के चुनाव आयोग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार की गई है.
अधिकारियों ने बताया कि 28 जनवरी तक अंतिम वोटर लिस्ट में नाम शामिल करने के लिए 6,88,116 फॉर्म 6 और 6 'ए' जमा किए गए थे, जबकि नाम हटाने के लिए राज्य भर की विधानसभा सीटों से 9,88,621 फॉर्म 7 मिले थे. यह भी पढ़ें: VIDEO: चुनाव आयोग का बड़ा ऐलान! 12 अन्य राज्यों में होगा SIR; जानें प. बंगाल, तमिलनाडु और तेलंगाना के अलावा कहां अपडेट होगा Voter List
वोटरों को वोटर लिस्ट में नाम शामिल करने, हटाने या सुधार से संबंधित दावे या आपत्तियां दर्ज करने के लिए 30 जनवरी तक का समय दिया गया है. चुनाव अधिकारियों ने कहा कि दावों और आपत्तियों का वेरिफिकेशन साथ-साथ किया जाएगा, और उचित फील्ड-लेवल जांच के बाद फैसले लिए जाएंगे.
गुजरात में एसआईआर अभियान पिछले साल 27 अक्टूबर को शुरू हुआ था, जिसमें सभी 182 विधानसभा सीटों को शामिल किया गया था, और बूथ लेवल अधिकारियों ने वोटर रिकॉर्ड को अपडेट करने के लिए घर-घर जाकर वेरिफिकेशन किया था.
गिनती का चरण पूरा होने के बाद, 19 दिसंबर को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट प्रकाशित की गई, जिससे सार्वजनिक जांच की प्रक्रिया शुरू हुई. अधिकारियों ने कहा कि एसआईआर का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि योग्य वोटरों को बाहर न किया जाए, जबकि अयोग्य नामों को लिस्ट में रहने से रोका जाए. यह भी पढ़ें: बिहार के बाद अब पूरे देश में होगी वोटर लिस्ट की जांच, SIR पर चुनाव आयोग का बड़ा फैसला
चुनाव आयोग ने लगातार कहा है कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य चुनावों से पहले वोटर लिस्ट की सटीकता और विश्वसनीयता में सुधार करना है. रिवीजन प्रक्रिया में 18 साल की उम्र पूरी कर चुके पहली बार वोट देने वाले वोटरों के साथ-साथ उन व्यक्तियों का भी रजिस्ट्रेशन शामिल है जिन्होंने सीटों के अंदर या बाहर अपना निवास स्थान बदल लिया है.
साथ ही, मृत वोटरों, डुप्लीकेट रजिस्ट्रेशन और स्थायी रूप से पलायन करने वालों से संबंधित एंट्री को हटाने के लिए पहचाना जा रहा है. चुनाव अधिकारियों ने बताया कि एक बार सभी दावों और आपत्तियों का वेरिफिकेशन और निपटारा हो जाने के बाद, निर्धारित शेड्यूल के अनुसार अंतिम वोटर लिस्ट प्रकाशित की जाएगी.
(The above story first appeared on LatestLY on Jan 30, 2026 08:36 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

