अलीगढ़ (उप्र), 21 नवंबर अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के 25 वरिष्ठ संकाय सदस्यों ने कुलपति को पत्र लिखकर इस बात पर गंभीर चिंता व्यक्त की है कि विश्वविद्यालय कोर्ट और कार्यकारी परिषद सहित प्रशासनिक निकायों में शिक्षक प्रतिनिधियों के पद लंबे समय से खाली पड़े हैं।
शिक्षकों ने बताया कि ऐसे वैधानिक निकायों में शिक्षकों के प्रतिनिधित्व के अलावा, एएमयू शिक्षक संघ (एएमयूटीए) के चुनाव तीन साल से अधिक समय से लंबित हैं। पत्र में कहा गया है कि यह स्थिति कोरोना वायरस महामारी के दौरान लॉकडाउन अवधि से उपजी है और अभी भी सामान्य नहीं हो सकी है।
पत्र में कहा गया है कि विश्वविद्यालय कोर्ट में शिक्षकों के चयन का चुनाव मई 2018 से लंबित हैं, जबकि शिक्षकों के प्रतिनिधियों के लिए कार्यकारी परिषद के चुनाव अप्रैल 2021 से लंबित हैं।
इसमें कहा गया है कि अकादमिक परिषद की रिक्त सीटों के चुनाव मई 2020 से लंबित हैं। पत्र में यह भी कहा गया है कि अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी शिक्षक संघ के लिए चुनाव तीन साल के अंतराल के बाद इस साल अक्टूबर में होने थे, लेकिन अंतिम समय में इन चुनावों को तकनीकी आधार पर स्थगित कर दिया गया।
शिक्षकों ने 15 नवंबर को भेजे गये एक पत्र में इन लंबित मुद्दों को हल करने के लिए एएमयू के कुलपति प्रोफेसर तारिक मंसूर के साथ एक आपात बैठक की मांग की है। उपरोक्त पत्र पर हस्ताक्षर करने वालों में डॉ. नावेद खान, प्रोफेसर मोहम्मद शमीम, प्रोफेसर मोहम्मद खालिद, डॉ. एम अरशद बारी, प्रोफेसर योगेंद्र, डॉ. मुसव्वीर अली और डॉ. अशरफ मतीन आदि शामिल हैं।
शिक्षक समूह के एक प्रवक्ता के अनुसार वे अब इस मामले में कुलपति के जवाब का इंतजार कर रहे हैं।
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