न्यूयॉर्क, 23 नवम्बर कोरोना वायरस वैश्विक महामारी के कारण पहली बार ‘अमेरिका रोड्स स्कॉलर्स’ का चयन ऑनलाइन किया गया। इसके तहत 32 छात्रों ने ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में छात्रवृत्ति हासिल की है।
इनमें से 22 ‘अल्पसंख्यक’ (स्टूडेंट ऑफ कलर) और 10 अश्वेत हैं। इससे पहले कभी इतनी अधिक संख्या में अश्वेत छात्रों का चयन नहीं हुआ है।
यह भी पढ़े | महात्मा गांधी के प्रपौत्र सतीश धुपेलिया का कोरोना वायरस संबंधी जटिलताओं के कारण निधन.
‘रोड्स ट्रस्ट’ के अमेरिकी सचिव एलिट गर्सन ने 32 विजेताओं की नाम की घोषणा रविवार को की, जो ‘रोड्स स्कॉलर’ में अमेरिका का प्रतिनिधित्व करेंगे।
इसमें चार अमेरिकी-भारतीय छात्र स्वाति आर. श्रीनिवासन, विजयसुंदरम रामसैमी, गरिमा पी. देसाई और सवरानी संका।
यह भी पढ़े | कनाडा में कोविड-19 के बढ़ रहे आंकड़े डराने वाले, तेजी से वृद्धि जारी.
गर्सन ने कहा, ‘‘ इससे पहले कभी भी ‘रोड्स स्कॉलर’ के लिए छात्रों का चयन ऑनलाइन नहीं किया गया...’’’
इस छात्रवृत्ति के लिए 288 कॉलेजों और विश्वविद्यालय से करीब 2300 छात्रों ने आवेदन दिया था।
‘रोड्स ट्रस्ट’ की 16 समितियों ने आवेदनों की छंटाई की और फिर प्रबल दावेदारों का ऑनलाइन साक्षात्कार लिया गया। इसके बाद प्रत्येक जिले से दो-दो छात्रों का चयन किया गया।
विजेताओं में 17 महिलाओं, 14 पुरुष और एक ट्रांस जेंडर छात्र है।
‘रोड्स स्कॉलरशिप’ इंग्लैंड में ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में दो या तीन साल के अध्ययन के लिए छात्रों का पूरा खर्च उठाता है। सेसिल रोड्स की वसीयत के तहत 1902 में ‘रोड्स स्कॉलरशिप’ की शुरुआत की गई थी।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY