Bihar: 'बिहार को आगे ले जाने की जिम्मेदारी अब आप पर', नीतीश कुमार की आखिरी कैबिनेट बैठक में भावुक विदाई
नीतीश कुमार की अंतिम कैबिनेट बैठक (Photo Credits: IANS)

पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Bihar Chief Minister Nitish Kumar) ने मंगलवार को अपनी अंतिम कैबिनेट बैठक (Cabinet Meeting) की अध्यक्षता की. लगभग 20 मिनट तक चली इस बैठक में मुख्यमंत्री का अंदाज काफी भावुक और प्रेरणादायक रहा. उन्होंने अपने सहयोगियों को संबोधित करते हुए कहा कि बिहार (Bihar) को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाने की जिम्मेदारी अब उन पर है. नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने स्पष्ट किया कि भले ही उनकी राजनीतिक भूमिका अब दिल्ली में होगी, लेकिन बिहार के प्रति उनका लगाव और चिंता कम नहीं होगी.

'पहले से बेहतर काम करने का लक्ष्य रखें'

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने मंत्रियों के अब तक के कार्यों की सराहना की, लेकिन साथ ही उन्हें और अधिक मेहनत करने की सलाह दी. उन्होंने कहा, 'आप सभी पहले से ही निष्ठापूर्वक कार्य कर रहे हैं, लेकिन अब और भी बेहतर करने का प्रयास करें. बिहार को प्रगति के पथ पर आगे ले जाने का दायित्व अब आप सभी के कंधों पर है.'

राजनीतिक गलियारों में नीतीश कुमार के इन शब्दों को भविष्य के नेतृत्व के लिए एक मार्गदर्शक निर्देश के रूप में देखा जा रहा है.

दिल्ली प्रस्थान और भावुक संदेश

कैबिनेट बैठक का सबसे भावुक क्षण वह था जब नीतीश कुमार ने दिल्ली जाने का जिक्र किया. उन्होंने कहा, "यह एक अत्यंत भावुक क्षण है. मैं अब दिल्ली जा रहा हूँ, लेकिन वहां से भी हर गतिविधि पर अपनी पैनी नजर रखूंगा."

उन्होंने मंत्रियों को आश्वासन दिया कि उनका स्नेह और समर्थन हमेशा उनके साथ बना रहेगा. मुख्यमंत्री के इन शब्दों ने बैठक के माहौल को गंभीर कर दिया और कई मंत्री इस विदाई संदेश से भावुक नजर आए.

एक युग का अंत और नई जिम्मेदारी

राजनीतिक विश्लेषक इस बैठक को केवल एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि बिहार की राजनीति में एक बड़े अध्याय के समापन के रूप में देख रहे हैं. नीतीश कुमार के कार्यकाल के दौरान राज्य ने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति देखी है.

अब बिहार में सत्ता के हस्तांतरण और नए नेतृत्व के लिए सबसे बड़ी चुनौती नीतीश कुमार द्वारा स्थापित विकास की गति को बनाए रखना और उनकी विरासत को आगे बढ़ाना होगा. मुख्यमंत्री की इस अंतिम बैठक ने साफ कर दिया है कि वे भले ही पद छोड़ रहे हों, लेकिन बिहार के विकास के प्रति उनकी प्रतिबद्धता अटूट है.