नयी दिल्ली, 13 अप्रैल ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन ने फ्यूचर रिटेल लि. (एफआरएल) को अपनी खुदरा संपत्ति उद्योगपति मुकेश अंबानी की रिलायंस रिटेल को बेचने की मंजूरी को लेकर शेयरधारकों तथा कर्जदाताओं की अगले सप्ताह बुलायी गयी बैठक के लिये आगाह किया है।
अमेरिकी कंपनी ने किशोर बियानी और अन्य प्रवर्तकों को 12 अप्रैल को लिखे 16 पृष्ठ के पत्र में कहा कि ऐसी बैठकें अवैध हैं और यह न केवल 2019 के समझौते का उल्लंघन होगा बल्कि सिंगापुर मध्यस्थता न्यायाधिकरण के खुदरा संपत्ति रिलायंस को बेचने पर रोक के आदेश के भी खिलाफ होगा। वर्ष 2019 में दोनों पक्षों के बीच समझौता उस समय समय हुआ था जब अमेजन ने एफआरएल की प्रवर्तक कंपनी में निवेश किया था।
पत्र पर अमेजन डॉट कॉम के प्रतिनिधि एन वी इनवेस्टमेंट होल्डिंग्स एलएलसी के हस्ताक्षर हैं। पत्र में बियानी समूह से मध्यस्थता केंद्र के स्थगन आदेश का कड़ाई से पालन करने को कहा गया है। साथ ही यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि मामले में आगे कोई और कदम नहीं उठाया जाए।
फ्यूचर ने रिलायंस के साथ प्रस्तावित 24,713 करोड़ रुपये के सौदे की मंजूरी को लेकर शेयरधारकों की 20 अप्रैल को जबकि कर्जदाताओं की 21 अप्रैल को बैठकें बुलायी है।
कंपनी ने यह कदम राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) और उच्चतम न्यायालय के 15 फरवरी के आदेश के बाद उठाया है। आदेश में फ्यूचर समूह की कंपनियों को शेयरधारकों तथा कर्जदाताओं की बैठक बुलाने की अनुमति दी गयी थी।
हालांकि, अमेजन का मानना है कि ऐसी बैठकें अवैध हैं।
अमेजन रिलायंस के अगस्त, 2020 में 24,713 करोड़ रुपये में फ्यूचर रिटेल की दुकानें और गोदामों को खरीदने की पेशकश का विरोध कर रही है। उसका कहना है कि सौदा 2019 के उस समझौते के खिलाफ है, जिसके जरिये उसने फ्यूचर कूपन्स प्राइवेट लि. (एफसीपीएल) में 49 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल की थी। एफसीपीएल फ्यूचर रिटेल की प्रवर्तक कंपनी है।
कंपनी मामले में रोक लगाने को लेकर फ्यूचर के खिलाफ मध्यस्थता न्यायाधिकरण में चली गयी थी।
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