विदेश की खबरें | अमेजन, गूगल समेत अन्य प्रौद्योगिकी कंपनियां एआई को लेकर व्हाइट हाउस द्वारा तय नियमों पर सहमत
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

व्हाइट हाउस ने शुक्रवार को कहा कि उसने सात अमेरिकी कंपनियों से स्वैच्छिक आश्वासन हासिल किया है, जिसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पेश किए जाने से पहले उनके एआई उत्पाद पूरी तरह सुरक्षित हैं।

कंपनियों ने जिन प्रतिबद्धताओं पर सहमति जताई है उनमें वाणिज्यिक एआई तंत्र के कामकाज की तीसरे पक्ष से निगरानी का आह्वान किया गया है, हालांकि विस्तार से इस बात का उल्लेख नहीं किया गया है कि कौन प्रौद्योगिकी का ऑडिट करेगा या कंपनियों को जवाबदेह ठहराएगा।

‘एआई टूल्स’, मानव-जैसा लिख सकते हैं और नयी छवियां बनाने के साथ ही अन्य तरह की गतिविधियां कर सकते हैं, जिसके मद्देनजर ‘एआई टूल्स’ में व्यावसायिक निवेश में वृद्धि ने लोगों को धोखा देने और गलत सूचना फैलाने की इसकी क्षमता के साथ-साथ अन्य खतरों के बारे में चिंता पैदा की है।

व्हाइट हाउस ने एक बयान में कहा कि ‘चैटजीपीटी’ के निर्माता ओपनएआई और स्टार्टअप ‘एंथ्रोपिक’ और ‘इन्फ्लेक्शन’ के साथ ही चार तकनीकी दिग्गज कंपनियों ने जैव सुरक्षा और साइबर सुरक्षा जैसे प्रमुख जोखिमों से बचाव के लिए ‘‘स्वतंत्र विशेषज्ञों द्वारा आंशिक रूप से किए गए’’ सुरक्षा परीक्षण पर प्रतिबद्धता जताई है।

बयान के मुताबिक, एआई प्रौद्योगिकी विकसित करने वाली कंपनियों ने अपनी प्रणाली में वास्तविक और एआई द्वारा बनाई गई तस्वीरों में अंतर करने के लिए ‘डिजिटल वाटरमार्किंग’ को लेकर भी सहमति जताई है।

व्हाइट हाउस ने कहा कि वे (कंपनियां) अपनी प्रौद्योगिकी की खामियों और जोखिमों के बारे में भी सार्वजनिक रूप से जानकारी साझा करेंगी।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)