देहरादून, 22 मई उत्तराखंड में सभी अवैध निर्माण हटाए जाने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को अधिकारियों से यह डाटा भी प्रस्तुत करने को कहा कि सरकारी भूमि पर राज्य के बाहर के कितने लोगों ने अतिक्रमण किया है और राज्य के कितने लोग इस पर काबिज हैं ।
उत्तराखंड में सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने के सबंध में यहां आयोजित एक बैठक में मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने का शासनादेश जारी किया जाए ।
उन्होंने इस संबंध में सख्त रूख अपनाते हुए कहा कि सरकारी भूमि पर अतिक्रमण न रोकने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जायेगी और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी ।
उन्होंने कहा कि सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटना है और इसके लिए शासन से जो आदेश जारी होंगे, उस पर सभी जनपदों को तेजी से कार्य करना है। उन्होंने इस सिलसिले में सभी विभागों से समन्वय से कार्य करने को कहा ।
उन्होंने गढ़वाल और कुमाउ के आयुक्तों को भी अपने क्षेत्रों में अतिक्रमण हटाने से संबंधित सभी कार्यों पर पूरी निगरानी रखने तथा इसके लिए जिलाधिकारियों के साथ लगातार बैठकें करने को कहा । उन्होंने उनसे कार्य के प्रति लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने को भी कहा ।
उन्होंने जिलाधिकारियों को अपने जनपदों में स्थित शत्रु संपत्तियों का अपनी टीम के साथ स्थलीय निरीक्षण करने के निर्देश देते हुए कहा कि ऐसी संपत्तियों को जिला प्रशासन जल्द अपने अधीन ले ।
धामी ने कहा कि जो शत्रु संपत्तियां जिला प्रशासन अपने अधीन ले चुका है, उनके बारे में इस बात की संभावना तलाशी जाए कि क्या उनमें सार्वजनिक परियोजनाएं बन सकती हैं और इसके प्रस्ताव जिलाधिकारियों द्वारा शीघ्र शासन को भेजे जाएं ।
बैठक में जानकारी दी गई कि वन विभाग द्वारा 455 हेक्टेयर क्षेत्र को अतिक्रमण से मुक्त कराया जा चुका है ।
मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा एवं अन्य धार्मिक स्थलों पर काम करने के लिए आने वाले बाहरी लोगों का सत्यापन करने के भी निर्देश दिए ।
उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिये कि विभागों द्वारा सरकारी जमीन से अवैध अतिक्रमण हटाने की जो रिपोर्ट दी जा रही है, उनका सत्यापन भी कराया जाए, गलत सूचना देने वालों पर कार्रवाई भी की जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी सरकारी जमीनों का अपना यूनिक नंबर होगा और सभी विभाग अपनी सरकारी संपत्ति का रजिस्टर रखेंगे और इसकी डिजिटल इन्वेंटरी होगी।
उन्होंने कहा कि सरकारी भूमि की समय- समय पर सेटेलाइट तस्वीर ली जाएगी और राज्य की सरकारी जमीन से अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए जनपद स्तर पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में समिति बनाई गई है जिसकी तकनीकी सहायता के लिए राजस्व परिषद में एक प्रकोष्ठ बनाया गया है।
राज्य स्तर पर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में समिति का गठन किया गया है जो जनपद और राज्य स्तरीय समिति अतिक्रमण हटाने के लिए की गई कार्यवाही की नियमित निगरानी रखेगी। सभी जनपदों में सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही चल रही है ।
बैठक में मुख्य सचिव डॉ सुखबीर सिंह संधु, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी सहित शीर्ष अधिकारी मौजूद रहे ।
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