नयी दिल्ली, 16 मार्च प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को कहा कि उनके शासन में भ्रष्टाचार के प्रति कतई सहन नहीं करने (जीरो टॉलरेंस) की नीति रही है और सभी एजेंसियां भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र हैं।
मोदी ने यहां ‘इंडिया टुडे कॉन्क्लेव’ को संबोधित करते हुए कहा कि उनकी सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़े कदम उठाये हैं। उन्होंने कहा, ‘‘पिछले 10 वर्ष में हमने शासन का नया मॉडल विकसित किया है और हमने उन क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया है जिन्हें पहले कम प्राथमिकता दी गयी थी।’’
विपक्षी दलों के नेता मोदी सरकार पर अपने राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ सीबीआई, ईडी जैसी संस्थाओं का दुरूपयोग करने का आरोप लगाते रहे हैं।
उन्होंने कहा कि ‘विकसित भारत’ का निर्माण करना ही देश का मिजाज है। उन्होंने कहा कि पहले की सरकारों में ‘जीवन सुगमता’ जैसे शब्द नहीं सुने जाते थे और उस दौरान संसाधनों पर शक्तिशाली लोगों का पहला अधिकार होता था।
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘हमारी सरकार के सक्षम शासन के कारण अधिकतर सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (पीएसयू) रिकॉर्ड राजस्व प्रदान कर रहे हैं और उनमें निवेशकों का विश्वास बढ़ रहा है।’’
उन्होंने कहा कि अगले पांच साल में एक अनिश्चित दुनिया में स्थिर, सक्षम और मजबूत भारत की गारंटी होगी।
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