देश की खबरें | उड़ान पूर्व सांस परीक्षण में विफल पायलट को एअर इंडिया ने तीन महीने के लिए निलंबित किया

नयी दिल्ली, नौ अप्रैल एअर इंडिया ने हाल में उड़ान पूर्व सांस परीक्षण (ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट) में विफल होने पर एक महिला पायलट को तीन महीने के लिए निलंबित कर दिया है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।

अधिकारी ने कहा कि बोइंग 787 पायलट एक प्रथम अधिकारी हैं। उन्होंने बताया कि पायलट उस समय परीक्षण में विफल रहीं जब उन्हें दिल्ली से हैदराबाद के लिए उड़ान संचालित करनी थी।

अधिकारी ने कहा कि पिछले सप्ताह हुई इस घटना के बाद पायलट को तीन महीने के लिए उड़ान कार्य से हटा दिया गया है। एअर इंडिया ने इस मुद्दे पर कोई टिप्पणी नहीं की है।

सभी निर्धारित विमान संचालकों के लिए डीजीसीए (नागर विमानन महानिदेशालय) मानदंडों के तहत, चालक दल के प्रत्येक सदस्य को उड़ान ड्यूटी अवधि के दौरान पहले प्रस्थान हवाई अड्डे पर उड़ान पूर्व सांस परीक्षण कराना होगा।

जब चालक दल के सदस्य के परीक्षण का नतीजा ‘पॉजिटिव’ आता है, तो कड़ी सजा का प्रावधान है और यह इस बात पर निर्भर करता है कि ऐसा पहले हुआ है या नहीं। यह उड़ान पूर्व और पश्चात दोनों परीक्षणों के लिए लागू है।

जो पायलट पहली बार उड़ान पूर्व सांस परीक्षण में विफल रहता है, उसे मानदंडों के अनुसार तीन महीने की अवधि के लिए उड़ान दायित्वों से निलंबित किया जाएगा।

पिछले साल, डीजीसीए ने शराब के सेवन के लिए विमान कर्मियों की चिकित्सा जांच की प्रक्रिया के मानदंडों को संशोधित किया था।

नियमों के तहत, “चालक दल का कोई भी सदस्य किसी भी दवा/फॉर्मूलेशन का सेवन नहीं करेगा या किसी भी ऐसे पदार्थ जैसे माउथवॉश/टूथ जेल या ऐसे किसी उत्पाद का उपयोग नहीं करेगा जिसमें अल्कोहल की मात्रा हो।”

इसके तहत, “इसके परिणामस्वरूप श्वास विश्लेषक परीक्षण की रिपोर्ट ‘पॉजिटिव’ आ सकती है। कोई भी चालक दल सदस्य जो ऐसी दवा ले रहा है, उसे उड़ान कार्य शुरू करने से पहले कंपनी के डॉक्टर से परामर्श लेना होगा।”

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