कष्णागिरी (तमिलनाडु), 10 अक्टूबर अन्नाद्रमुक के वरिष्ठ नेता केपी मुनुसामी ने शनिवार को यहां दावा किया कि विपक्षी द्रमुक पार्टी के अध्यक्ष एमके स्टालिन की सोच है कि अन्नाद्रमुक नेताओं ओ पनीरसेल्वम और के पलानीस्वामी को अलग करने से वह राजनीतिक बढ़त ले सकते हैं, लेकिन पार्टी के सामूहिक नेतृत्व को तोड़ा नहीं जा सकता है।
उन्होंने कहा कि द्रमुक प्रमुख की यह उम्मीद कभी पूरी नहीं होगी क्योंकि अन्नाद्रमुक का सामूहिक नेतृत्व् पार्टी कार्यकर्ताओं की कड़ी मेहनत से बना है जिसे कभी तोड़ा नहीं जा सकता है।
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मुनुसामी ने यह बयान स्टालिन के उन आरोपों के जवाब में दिया जिसमें उन्होंने कहा है कि दोनों नेता ‘केवल भ्रष्टाचार के लिए’’ जुड़े हुए हैं।
अन्नाद्रमुक ने पलानीसामी और पनीरसेल्वम में मतभेद की खबरों के बीच सात अक्टूबर को वर्ष 2021 में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए मुख्यमंत्री के पलानीसामी को पार्टी का मुख्यमंत्री प्रत्याशी घोषित किया।
स्टालिन ने इसी पर यह टिप्पणी की थी। गौरतलब है कि तमिलनाडु में अगले साल अप्रैल-मई में विधानसभा चुनाव होने हैं।
पूर्व मंत्री और अन्नाद्रमुक के उप समन्वयक मुनुसामी ने कहा कि स्टालिन द्वारा सरकार पर लगाए जा रहे भ्रष्टाचार के आरोप आधारहीन और तथ्यहीन हैं।
राज्यसभा सदस्य ने आरोप लगाया कि द्रमुक के दिवंगत नेता एम करुणानिधि वह व्यक्ति थे जिन्होंने भ्रष्टाचार के बीच बोए और इसलिए स्टालिन को इस मुद्दे पर बोलने का कोई नैतिक हक नहीं है।
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