जयपुर, 18 सितम्बर केंद्र सरकार द्वारा संसद में कृषि क्षेत्र से संबंधित पेश किए गए तीन विधेयकों में विसंगतियों का आरोप लगाते हुए कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने शुक्रवार को इन्हें किसान विरोधी और बड़े उद्योगपतियों, व्यापारियों और बिचौलियों को लाभान्वित करने वाला बताया है।
डोटासरा ने कहा कि इन विधेयकों के जरिये मंडी प्रणाली ध्वस्त हो जायेगी और कालाबाजारी को बढ़ावा मिलेगा।
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उन्होंने संवाददाताओं को बताया कि तीनों विधेयकों से बड़े उद्योगपतियों को ही लाभ होगा तथा संविदा और कॉर्पोरेट खेती लोकप्रिय हो जाएगी और किसान, मजदूर बन जायेंगे । इन विधेयकों से किसानों को नुकसान होगा और कालाबाजारी को प्रोत्सान मिलेगा। इससे केवल बड़े उद्योगपतियों को ही फायदा होगा।
उल्लेखनीय है कि केन्द्र सरकार ने सोमवार को अध्यादेशों को हटाकर संसद में कृषि उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्द्धन और सुविधा) विधेयक-2020, कृषक (सशक्तिकरण एवं संरक्षण) कीमत आश्वासन और कृषि सेवा पर करार विधेयक-2020, आवश्यक वस्तु (संशोधन) विधेयक, 2020 लोकसभा में पेश किया
यह तर्क दिया है कि ये उपाय किसानों को सरकार द्वारा नियंत्रित बाजारों और कीमतों से मुक्त करेंगे और वे अपनी उपज की बेहतर कीमत के लिए निजी पार्टियों के साथ समझौते कर सकते हैं।
डोटासरा ने कहा कि केन्द्र सरकार ने अपने सहयोगियों से इस पर कोई चर्चा नहीं की और अधिकारियों ने अध्यादेश जल्दबाजी में बड़े उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने के लिये लेकर आये थे।
उन्होंने कहा कि राजग सरकार ने अपने पिछले कार्यकाल में किसानों की जमीनों को कम कीमत पर अधिग्रहण करने के लिये भूमि अधिग्रहण और पुर्नवास अधिनियम में संशोधन किया था लेकिन किसानों और कांग्रेस पार्टी ने ऐसा नहीं होने दिया।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि किसान विधेयकों पर विरोध जता रहे है और पार्टी उनकी आवाज उठायेगी।
उन्होंने कहा कि 'किसानों की आवाज उठाने के लिए हम शनिवार को राज्यपाल को ज्ञापन सौंपेंगे क्योंकि पार्टी उनके साथ है।'
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