उन्होंने कहा कि देश पर लंबे समय तक शासन करने वाले दल राष्ट्रपति के अभिभाषण का बहिष्कार करें, यह दुखद है।
जैन ने कहा कि किसानों का मुद्दा हो तो इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि सरकार की 135 में से 90 फीसदी योजनाएं किसानों को समर्पित हैं। उन्होंने कहा कि दृढ़ संकल्प का ही नतीजा है कि गरीबों के खातों में 13 लाख करोड़ रुपये से अधिक राशि डीबीटी के माध्यम से डाले गए।
उन्होंने कहा ‘‘हम पर सरमायेदारों (पूंजीपतियों) की सरकार होने का आरोप लगता है। क्या देश भर में खोले गए 41 करोड़ जन धन खाते सरमायेदारों के हैं ? 10 करोड़ परिवारों के घरों में अगर शौचालय बनता है तो ये घर कौन से सरमायेदारों के घर हैं ? यह लाभ गरीबों को ही मिला है। फिर सरकार सरमायेदारों की सरकार कैसे हुई ?’’
भाजपा के ही ब्रजलाल ने कहा ‘‘देश में प्रगति तब होती है जब कानून व्यवस्था चाक-चौबंद हो, स्वस्थ माहौल हो, प्रत्यक्ष विदेशी निवेश आए और लोग खुशहाल हों। यह अच्छी बात है कि सुशासन के मोर्चे पर सरकार खरी उतरी है।’’
उन्होंने कहा कि अनुसूचित जातियां, जनजातियों के कल्याण के लिए सरकार ने कई प्रयास किए हैं जो अब से पहले की सरकारें नहीं कर पाईं।
मनोनीत डॉ सोनल मानसिंह ने कहा ‘‘भारत अपने विशिष्ट मूल्यों के लिए दुनिया में अपनी अलग पहचान रखता है। भारत की नयी शिक्षा नीति उसकी इसी पहचान को मजबूत करने का एक और कदम है।’’
उन्होंने कहा कि पहली बार शिक्षा नीति में संस्कृति को भी जोड़ा गया और परंपरागत ज्ञान को महत्व दिया गया है। यह आज की स्थिति को देखते हुए जरूरी है। उन्होंने कहा, ‘‘शिक्षा और संस्कार एक दूसरे के पूरक हैं और नयी शिक्षा नीति में यह बात समाहित है।’’
डॉ सोनल मानसिंह ने कहा ‘‘महिलाओं के विकास और पर्यटन को आगे बढ़ाने के लिए सरकार ने उल्लेखनीय काम किया हैं। युवाओं के लिए प्रधानमंत्री का यह मंत्र प्रेरणादायक है कि रोजगार मांगने वाले नहीं बल्कि रोजगार देने वाले बनें। ये वे बुनियादें हैं जो एक भारत, श्रेष्ठ भारत का सपना साकार करेंगी।’’
भाजपा के रामचंद्र जांगड़ा ने कहा ‘‘प्रधानमंत्री ने मेक इन इंडिया और वोकल फॉर लोकल का नारा दिया और देश के शिल्पकारों के लिए कौशल विकास की नीति दे कर उनको ठोस आधार प्रदान किया।’’
उन्होंने कहा ‘‘हरियाणा में पहली बार विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय की स्थापना की गई जहां भारत की तमाम कलाओं का आधुनिक प्रशिक्षण दिया जाता है। भाजपा सरकार ने ही पहली बार पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा दिया।’’
चर्चा पर प्रधानमंत्री का जवाब होना है।
मनीषा अविनाश
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY