देश की खबरें | कृषि कानूनों को रद्द करें, इसे प्रतिष्ठा का मुद्दा नहीं बनाएं प्रधानमंत्री : अधीर रंजन
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से नए कृषि कानूनों को निरस्त करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि वह इसे ''प्रतिष्ठा का मुद्दा'' नहीं बनाएं क्योंकि किसान इन कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।
नयी दिल्ली, छह दिसंबर लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से नए कृषि कानूनों को निरस्त करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि वह इसे ''प्रतिष्ठा का मुद्दा'' नहीं बनाएं क्योंकि किसान इन कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।
चौधरी ने आरोप लगाया कि तीनों नए कृषि कानून ''किसान विरोधी'' एवं कारपोरेट को फायदा पहुंचाने वाले हैं और इससे किसानों की आय पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा।
उन्होंने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में कहा, '' मेरा आपसे निवेदन है कि इसे प्रतिष्ठा का मुद्दा नहीं बनाएं।''
इस बीच, पंजाब के कांग्रेस सांसदों ने इन कानूनों को निरस्त किए जाने के लिए जल्द से जल्द संसद का सत्र बुलाने की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की योजना बनाई है।
यह भी पढ़े | Farmers Protest: भारत बंद में शामिल नहीं होगा RSS से जुड़ा भारतीय किसान संघ.
लुधियाना के सांसद रवनीत सिंह बिट्टू ने दिल्ली पुलिस को पत्र लिखकर सोमवार को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की अनुमति मांगी है।
वहीं, कांग्रेस ने प्रदर्शनकारी किसानों द्वारा बुलाए गए ‘भारत बंद’ को अपना समर्थन देने की घोषणा की है।
चौधरी ने पत्र में कहा फसलों की बिक्री के लिए बेहतर मंच उपलब्ध कराने का संदर्भ देकर उनसे न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी को ''छीना'' गया है।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने मोदी को लिखे पत्र में कहा, '' कृषि पर संसदीय स्थायी समिति में विधेयकों पर चर्चा नहीं हुई और हंगामे के बीच जल्दबाजी में इन्हें ध्वनिमत से पारित किया गया।''
इस बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने ट्वीट किया, ‘‘किसान चाहते हैं कि नये कृषि कानून कानून निरस्त हों। मुझे खुशी है कि कांग्रेस ने भारत बंद के लिए किसानों के आह्वान का समर्थन किया है। भारत के लोगों को भी भारत बंद का समर्थन करना चाहिए।’’
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)
(The above story first appeared on LatestLY on Dec 06, 2020 11:28 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

