नयी दिल्ली, 23 मई आम आदमी पार्टी (आप) सरकार ने मंगलवार को वाईवीवीजे राजशेखर को विशेष सचिव (सतर्कता) के पद पर बहाल करने के आदेश को खारिज कर दिया और नौकरशाह को उनके प्रभार से वंचित करने वाले मंत्री सौरभ भारद्वाज को मामले में सक्षम प्राधिकार बताया।
सतर्कता मंत्री भारद्वाज ने सतर्कता निदेशालय द्वारा सोमवार को जारी किए गए आदेश को "अनधिकृत और अवैध" करार दिया तथा राजशेखर से सभी काम और फाइल वापस लिए जाने का निर्देश दिया।
यह राष्ट्रीय राजधानी में प्रशासनिक सेवाओं के नियंत्रण को लेकर केंद्र और अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार के बीच चल रही खींचतान का नवीनतम घटनाक्रम है।
केंद्र द्वारा अध्यादेश लाए जाने के बाद सतर्कता निदेशालय का आदेश राजशेखर को बहाल करने वाला पहला ऐसा निर्देश है।
अध्यादेश के बाद दिल्ली सरकार में नौकरशाहों के स्थानांतरण और पदस्थापना सहित सेवा संबंधी मामलों पर उपराज्यपाल को फिर से नियंत्रण मिल गया था।
यह अध्यादेश उच्चतम न्यायालय के उस आदेश के बाद लाया गया जिसमें राष्ट्रीय राजधानी में पुलिस, भूमि और सार्वजनिक व्यवस्था संबंधी मामलों को छोड़कर अन्य सेवाओं पर नियंत्रण दिल्ली की निर्वाचित सरकार को दे दिया गया था।
भारद्वाज ने एक कार्यालय ज्ञापन में दावा किया कि वह खुद सक्षम प्राधिकारी हैं और राजशेखर को बहाल करने के लिए सतर्कता निदेशालय द्वारा सोमवार को दिया गया आदेश "अनधिकृत, अमान्य और अवैध" है तथा इसके आधार पर कोई कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए।
राजशेखर, जिन्हें भारद्वाज के आदेश पर उनके प्रभार से हटा दिया गया था, ने सतर्कता और सेवा दोनों विभागों के विशेष सचिव के रूप में काम फिर से शुरू कर दिया है और सतर्कता निदेशालय के आदेश के बाद वह कार्यालय पहुंचे।
मंत्री के रुख के बारे में पूछे जाने पर राजशेखर ने मंगलवार को कहा कि मामला विचाराधीन है।
उन्होंने कहा, "मैंने ऐसा कोई निर्देश नहीं देखा है। किसी भी मामले में, मामला अब भी विचाराधीन है। मुझे क्यों निशाना बनाया जा रहा है? जहां तक मेरा संबंध है, हम सभी अपनी नि:स्वार्थ सेवा कर रहे हैं। मुझे अपने काम पर ध्यान केंद्रित करने दें।"
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY