देश की खबरें | आप सरकार, नगर निगमों ने सफाई कर्मियों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त कदम उठाए : उच्च न्यायालय
जियो

नयी दिल्ली, 11 जून दिल्ली उच्च न्यायालय ने कहा है कि राष्ट्रीय राजधानी में आम आदमी पार्टी (आप) सरकार और नगर निगमों ने कोविड-19 महामारी के दौरान सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त कदम उठाए हैं।

न्यायमूर्ति हिमा कोहली और न्यायमूर्ति सुब्रमणियम प्रसाद की एक पीठ ने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के दिशा-निर्देशों का भी अधिकारियों द्वारा पालन किया जा रहा है।

यह भी पढ़े | भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर ने आज क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों के एमडी / सीईओ के साथ भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर ने आज क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों के एमडी / सीईओ के साथ एक बैठक की बैठक: 11 जून 2020 की बड़ी खबरें और मुख्य समाचार LIVE.

कर्मचारियों को व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई) किट के वितरण के संबंध में दिल्ली सरकार और नगर निकायों द्वारा दायर हलफनामों पर गौर करने के बाद पीठ ने नौ जून को अपने आदेश में यह टिप्पणी की।

उच्च न्यायालय ने दिल्ली सरकार और तीनों नगर निगमों को अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में सफाई कर्मचारियों की संख्या और कोविड-19 महामारी के दौरान उन्हें उपलब्ध कराई गई पीपीई किट की संख्या के बारे में जानकारी देने को कहा था।

यह भी पढ़े | भारतीय जनता पार्टी ने शुरू किया परिवार संपर्क अभियान, स्वतंत्रदेव ने बांटे पीएम मोदी के पत्र.

उच्च न्यायालय ने कहा कि हलफनामों के अनुसार, पीपीई किट को दैनिक आधार पर सफाई कर्मचारियों को प्रदान किया जा रहा है और उपकरणों का पुन: उपयोग नहीं किया जाता है।

पीठ ने यह भी कहा कि पर्याप्त संख्या में सर्जिकल और एन-95 मास्क तथा दस्ताने कर्मियों को दिए जा रहे हैं और जैव-चिकित्सकीय अपशिष्ट का निस्तारण प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के दिशा-निर्देशों के अनुरूप किया जा रहा है।

सामाजिक कार्यकर्ता हरनाम सिंह और अखिल भारतीय नगर निगम कर्मचारी संघ द्वारा दायर अलग-अलग याचिकाओं का निस्तारण करते हुए पीठ ने यह बात कही।

याचिकाओं में कोरोना वायरस महामारी के दौरान अपना काम कर रहे सफाई कर्मचारियों को व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण प्रदान करने के लिए अधिकारियों को निर्देश देने का आग्रह किया गया था।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)