नयी दिल्ली, 25 फरवरी दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) में मंगलवार को आवास कर की माफी और 12000 अनुबंधित कर्मियों के नियमितीकरण को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पार्षदों के बीच वाकयुद्ध होने और उनके द्वारा नारेबाजी किये जाने से सदन में हंगामा हुआ।
महापौर महेश कुमार ने बाद में प्रेसवार्ता में दावा किया कि इस हंगामे के बावजूद दोनों प्रस्ताव पारित हो गये क्योंकि सदन में उनके पार्षद इतने थे कि गणपूर्ति की शर्त पूरा हो रही थी।
हालांकि, विपक्ष के नेता ने इसका कड़ा विरोध करते हुए तर्क दिया कि इसमें उचित प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया, इसलिए प्रस्तावों को आधिकारिक रूप से स्वीकृत नहीं माना जा सकता।
इस बीच, एक शीर्ष अधिकारी ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है।
सदन में हंगामा तब शुरू हुआ जब आप के नेतृत्व वाली एमसीडी ने प्रस्ताव पेश करने का प्रयास किया और उपायुक्त नहीं पहुंचे। ऐसे में गतिरोध पैदा हो गया।
आम आदमी पार्टी (आप) ने मांग की कि अतिरिक्त आयुक्त को प्रभारी बनाकर सत्र की कार्यवाही आगे बढ़ाई जाए, जिससे तीखी बहस शुरू हो गई।
आप पार्षदों ने ‘गुंडागर्दी नहीं चलेगी’ और ‘जय भीम’ के नारे लगाए, जबकि भाजपा समर्थकों ने ‘अरविंद केजरीवाल, शर्म करो’ और ‘महापौर, शर्म करो’ जैसे नारे लगाए।
सदन में दोनों पक्षों ने पोस्टर भी प्रदर्शित किये गये।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY