देश की खबरें | अर्थव्यवस्था को वापस पटरी पर लाने के लिए काफी काम करने की जरूरत : राहुल गांधी

अडोनी (आंध्र प्रदेश), 19 अक्टूबर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को कहा कि नरेंद्र मोदी नीत केंद्र सरकार द्वारा पंगु की गई देश की अर्थव्यवस्था को वापस पटरी पर लाने के लिए काफी कार्य करने की आवश्यकता है, भले ही रुपया मजबूत हो या कमजोर।

राहुल गांधी ने यहां ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के दौरान मीडियाकर्मियों के सवालों के जवाब में कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की नीतियों ने देश की अर्थव्यवस्था की ताकत को नष्ट कर दिया है और यह सिर्फ डॉलर के मूल्य का सवाल नहीं है।

उन्होंने कहा, ‘‘"मजबूत या कमजोर रुपये का विचार, अच्छा है या बुरा... वास्तव में यह उससे कहीं अधिक सूक्ष्म है। यह वास्तव में उस तरह काम नहीं करता है। लेकिन सवाल यह है कि आप भारतीय अर्थव्यवस्था के बारे में किस प्रकार देखते हैं और क्या सोचते हैं। "

कांग्रेस नेता ने कहा कि मजबूत रुपये के फायदे और नुकसान दोनों हैं और उन्हें ध्यान में रखना होगा।

वायनाड के सांसद ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था में रोजगार के मौकों का सृजन हमेशा छोटे और मध्यम व्यवसायों तथा मजबूत कृषि क्षेत्र के कारण हुआ है। उन्होंने कहा, "नोटबंदी और जीएसटी ने इन दोनों व्यवस्थाओं को नष्ट कर दिया। लाखों छोटे व्यवसाइयों ने व्यवसाय छोड़ दिया। रोजगार पैदा करने की भारत की क्षमता पंगु हो गई है।"

उन्होंने कहा कि इसके साथ ही, गरीबों और मध्यम वर्ग से धन का बड़े पैमाने पर हस्तांतरण कुछ एक "अमीर व्यवसायियों" को हुआ।

राहुल ने व्यवसायी गौतम अडानी के अप्रत्यक्ष संदर्भ में कहा, "दुनिया का तीसरा सबसे धनी व्यक्ति हमारे प्रधानमंत्री का करीबी सहयोगी और मित्र हैं। हर कोई समझता है कि वह वास्तव में कैसे तीसरे सबसे धनी आदमी बन गए।"

उन्होंने कहा, "लोग साफ-साफ नहीं समझते हैं कि यह धन किसानों, छोटे व्यापारियों, मध्यम वर्ग से इन अमीर लोगों के हाथों में जाता है। अमीरों की पहुंच बैंकिंग प्रणाली तक है लेकिन किसानों या छोटे व्यवसाइयों की पहुंच इस तक नहीं है। धनी काराबारियों पर असीमित ऋण है।’’ उन्होंने कहा कि इस घटना ने पूरी अर्थव्यवस्था को पंगु बना दिया है।

राहुल ने पड़ोसी राज्य कर्नाटक में बल्लारी के रास्ते अपनी यात्रा का जिक्र करते कहा कि इसे 'भारत की जींस राजधानी' के रूप में जाना जाता है। उन्होंने कहा, "यह भारत के लिए बहुत बड़ी संपत्ति है। अगर हम बल्लारी में बैंकों के दरवाजे जींस उद्योग के लिए खोलते हैं तो हमारे पास कई उद्यमी होंगे जो लाखों नौकरियां देंगे।"

कांग्रेस सांसद ने कहा कि दो या तीन बड़े कारोबारियों से हटकर उन लोगों पर ध्यान केंद्रित करना होगा जो वास्तव में रोजगार पैदा करते हैं।

उन्होंने वस्तु और सेवा कर (जीएसटी) का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस अगर सत्ता में आती है तो एक नया जीएसटी लाएगी जिसमें "एक साधारण कर" होगा।

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