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अमेरिका में पहली बार: हटाए गए सदन के स्पीकर केविन मैकार्थी

अमेरिका के सियासी इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि स्पीकर को वोटिंग करके पद से हटाया गया है.

अमेरिका में पहली बार: हटाए गए सदन के स्पीकर केविन मैकार्थी
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credit: Image File)

अमेरिका के सियासी इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि स्पीकर को वोटिंग करके पद से हटाया गया है. केविन मैकार्थी की पार्टी के सदस्यों ने भी उनके खिलाफ वोट डाला.अमेरिका में रिपब्लिकन पार्टी के नेता केविन मैकार्थी अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के स्पीकर पद से हटा दिए गए. अमेरिकी संसद के निचले सदन यानी प्रतिनिधि सभा में उन्हें हटाने को लेकर वोटिंग हुई. इस वोटिंग में मैकार्थी की पार्टी के नेताओं ने ही उनके खिलाफ वोट डाला.

इसी के साथ यह अमेरिका के 234 साल के संसदीय इतिहास में पहला मौका है, जब प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष को इस तरह वोटिंग से हटाया गया है. मैकार्थी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव में 210 लोगों ने उनके पक्ष में वोट दिया, जबकि 216 लोगों ने उनके खिलाफ वोट डाला. वह 269 दिन स्पीकर रहे, जो अमेरिका में किसी स्पीकर का दूसरा सबसे छोटा कार्यकाल है.

मैकार्थी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की वजह यह थी कि उन्होंने गवर्नमेंट शटडाउन रोकने के लिए डेमोक्रैट्स सांसदों के साथ मिलकर राह निकाली और टेम्परेरी फंडिंग बिल पास कराया. यह बिल पिछले सप्ताह पास कराया गया था और तभी से कई रिपब्लिकन सांसद मैकार्थी से नाराज थे. प्रतिनिधि सभा में रिपब्लिकन पार्टी बहुमत में है.

पद से हटाए जाने के बाद क्या बोले मक्कार्थी

मैकार्थी बार-बार कहते आए हैं कि वह कभी हार नहीं मानते हैं, लेकिन अभी उनके सामने कोई विकल्प नहीं दिख रहा है. न ही वे रिपब्लिकन, जिन्होंने उनकी विदाई की पटकथा लिखी और न ही डेमोक्रैट्स, जो तोल-मोल की बात करते रहे.

इस साल जनवरी में 15 बार वोटिंग के बाद स्पीकर बने मैकार्थी ने कहा है कि वह स्पीकर पद के लिए दोबारा चुनाव नहीं लड़ेंगे. उन्हें पद से हटाए जाने के बाद उन्हीं के करीबी और नॉर्थ कैरोलीना से सांसद पैट्रिक मैक्हेनरी अंतरिम स्पीकर चुने गए हैं. सदन की कार्यवाही अगले सप्ताह तक स्थगित कर दी गई है. अगले हफ्ते रिपब्लिकन नया स्पीकर चुनने का प्रयास करेंगे.

पदमुक्त होने के बाद मैकार्थी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "मैं आज यह चुनाव भले हार गया हूं, लेकिन इस चेंबर से निकलते समय मुझे सेवा करने का गर्व है. दोबारा ऐसा मौका आने पर भी मैं यही करूंगा." इस वोटिंग का इंतजाम मैकार्थी के धुर-विरोधी और फ्लोरिडा से सांसद मैट गेट्ज ने किया था.

स्पीकर को हटाए जाने की भूमिका

प्रतिनिधि सभा में रिपब्लिकन छोटे अंतर से बहुमत में हैं, लेकिन मैकार्थी को इनमें से ज्यादातर का समर्थन हासिल था. हालांकि, जिन आठ कट्टरपंथी रिपब्लिकन सांसदों ने जनवरी में उन्हें स्पीकर बनने से रोकने की कोशिश की थी, इस बार वही उनकी विदाई की वजह बने.

रिपब्लिकन सांसदों के बीच मैकार्थी के खिलाफ असंतोष लंबे समय से बढ़ रहा था, लेकिन उनके खिलाफ प्रस्ताव लाने की सबसे बड़ी वजह पिछले सप्ताह उनका डेमोक्रेट्स सांसदों के साथ मिलकर काम करना था. वह शटडाउन के बजाय संघीय सरकार को जारी रखना चाहते थे.

दिलचस्प बात यह है कि जनवरी में मैकार्थी ने धुर-दक्षिणपंथी सांसदों से एक समझौता किया था. इसके तहत उन्होंने रिपब्लिकन सांसदों की कुछ मांगें मानी थीं. इनमें से एक मांग नियम में बदलाव करने की थी, जिससे किसी अकेले सांसद को भी 'मोशन टू वेकेट' का प्रस्ताव दायर करने का अधिकार मिले.

फिर मंगलवार को जैसे ही सदन शांत हुआ, डॉनल्ड ट्रंप के करीबी सहयोगी गेट्स ने अपना प्रस्ताव पेश कर दिया. शुरुआत में सांसदों ने रद्द कराने का प्रयास किया, लेकिन वोटिंग में 218-208 वोट पड़े. इनमें 11 रिपब्लिकन सांसद प्रस्ताव के खिलाफ थे. फिर सदन में बहस कराई गई, जो अमूमन देखने को नहीं मिलता. इसके बाद रिपब्लिकन पार्टी के सांसद एक घंटे तक अपनी ही पार्टी के नेता की आलोचना करते रहे.

ओकलाहोमा से रिपब्लिकन सांसद टॉम कोल ने कहा, "यह दुखद दिन है." बहस के दौरान वह अपने रिपब्लिकन साथियों से आग्रह कर रहे थे कि सदन में रिपब्लिकन नेताओं के बहुमत को 'अराजकता में न डाला जाए'. इस पर गेट्स ने जवाब दिया, 'स्पीकर मैकार्थी खुद अराजकता हैं'.

सदन में क्या-क्या हुआ

तीखी बहस जैसे-जैसे आगे बढ़ी, मैकार्थी की सत्यनिष्ठा और वादे पूरे करने की उनकी क्षमता के खिलाफ शिकायतें की जाती रहीं. गेट्स ने तकरीबन अकेले ही मैकार्थी और राष्ट्रपति जो बाइडेन के बीच हुई 'कर्ज डील' और सरकार को शटडाउन से बचाने के लिए हुई वोटिंग की आलोचना की. खर्चों में भारी कटौती की मांग करने वाले रूढ़िवादी नेताओं ने इसका विरोध किया.

हालांकि, सदन में बहुत सारे सांसद मैकार्थी के पक्ष में भी खड़े हुए. ओहायो से रिपब्लिकन सांसद और रूढ़िवादी 'फ्रीडम कॉकस' के एक नेता जिम जॉर्डन ने कहा, "उन्होंने अपना वादा निभाया." वहीं मैकार्थी ने भी कहा कि वह पद पर बने रहने के लिए डेमोक्रैट्स के साथ समझौता नहीं करेंगे.

हालांकि, अगर मैकार्थी डेमोक्रेट्स से मदद मांगते, तब भी फैसला उनके हक में होने की उम्मीद कम ही थी. डेमोक्रैटिक नेता हकीम जेफ्री ने अपने साथी को एक पत्र में लिखा कि वह रिपब्लिकन के साथ काम करना चाहते हैं, लेकिन मैकार्थी को बचाने के लिए वोट देने के इच्छुक नहीं हैं. उन्होंने कहा, "यह रिपब्लिकन पार्टी के सदस्यों की जिम्मेदारी है कि वे आपसी झगड़े खत्म करें."

वाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी करीन जॉं पिएर ने कहा कि राष्ट्रपति बाइडेन को उम्मीद है कि सदन जल्द ही अपना नया स्पीकर चुन लेगा. इसके बाद वह उनके साथ मिलकर काम करने के लिए उत्सुक हैं.

इस विवाद से रिपब्लिकन पार्टी की आपसी कलह भी फिर से उजागर हुई. पूर्व राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा कि ऐसा क्यों होता है कि रिपब्लिकन नेता हमेशा आपस में ही लड़ते रहते हैं. बिजनेस फ्रॉड के मामले में न्यू यॉर्क की कोर्ट में पेशी के बाद जब ट्रंप से मैकार्थी की विदाई को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने जवाब नहीं दिया.

वीएस/ओएसजे (एपी)

(The above story first appeared on LatestLY on Oct 04, 2023 04:30 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).