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Dog Attack in Rajasthan: राजस्थान के बूंदी में आवारा कुत्तों का आतंक, खेत में शौच के लिए गई 9 वर्षीय मासूम को नोच-नोच कर ली जान

राजस्थान के बूंदी जिले से एक ह्रदयविदारक घटना सामने आई है. यहाँ के एक गांव में रविवार को आवारा कुत्तों के झुंड ने 9 साल की एक मासूम बच्ची पर हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया. इस घटना के बाद से इलाके में भारी आक्रोश और शोक का माहौल है.

Dog Attack in Rajasthan: राजस्थान के बूंदी में आवारा कुत्तों का आतंक, खेत में शौच के लिए गई 9 वर्षीय मासूम को नोच-नोच कर ली जान

Dog Attack in Rajasthan:  राजस्थान के बूंदी जिले से एक ह्रदयविदारक घटना सामने आई है. यहाँ के एक गांव में रविवार को आवारा कुत्तों के झुंड ने 9 साल की एक मासूम बच्ची पर हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया. इस घटना के बाद से इलाके में भारी आक्रोश और शोक का माहौल है. प्रशासन अब क्षेत्र में आवारा कुत्तों की समस्या से निपटने के लिए सक्रिय हो गया है.

शौच के लिए खेत गई थी मासूम

मृतक बच्ची की पहचान मधु के रूप में हुई है. जानकारी के अनुसार, रविवार को मधु अपने घर से पास के खेतों में शौच के लिए गई थी. इसी दौरान कुत्तों के एक झुंड ने उस पर अचानक हमला कर दिया. कुत्तों ने मासूम को बुरी तरह नोच डाला. बच्ची की चीख-पुकार सुनकर जब तक ग्रामीण मौके पर पहुंचे और कुत्तों को भगाया, तब तक मधु गंभीर रूप से घायल हो चुकी थी. अत्यधिक चोटों के कारण उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया.  यह भी पढ़े: Nalasopara Stray Dog Attack: मुंबई से सटे नालासोपारा में कुत्ते के खरोंच को नजरअंदाज करना पड़ा भारी, मासूम बच्ची की रेबीज से मौत

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने जताया दुख

सोमवार को कोटा-बूंदी सांसद और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला पीड़ित परिवार से मिलने उनके गांव पहुंचे. उन्होंने शोक संतप्त परिवार को सांत्वना दी और इस घटना को "दिल दहला देने वाला" बताया. बिरला ने जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि क्षेत्र में आवारा कुत्तों की समस्या के समाधान के लिए तत्काल ठोस कदम उठाए जाएं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो. उन्होंने परिवार को हर संभव प्रशासनिक मदद का आश्वासन भी दिया.

ग्रामीणों में आक्रोश और सुरक्षा की मांग

स्थानीय निवासियों का कहना है कि क्षेत्र में आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ रहा है, जिससे बच्चों और बुजुर्गों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है. पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर लिया है और पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है.

नसबंदी और पशु नियंत्रण कार्यक्रमों पर उठे सवाल

इस दुखद घटना ने एक बार फिर राज्य में आवारा पशुओं के प्रबंधन और नसबंदी कार्यक्रमों की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं. ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सरकार से मांग की है कि ग्रामीण इलाकों में नसबंदी और पशु नियंत्रण अभियान को अधिक सख्ती से लागू किया जाए. फिलहाल, स्थानीय प्रशासन ने कुत्तों को पकड़ने के लिए विशेष टीम गठित करने की बात कही है.

(The above story first appeared on LatestLY on May 05, 2026 11:52 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).