गुवाहाटी, 17 अगस्त असम के बागजान गैस कुंए की आग को बुझाने की दिशा में पहले सफल कदम के तहत उसके मुंह पर लपटें रोकने वाला एक उपकरण (बीओपी) डाला दिया गया है। ऑयल इंडिया लिमिटेड (ऑयल) ने सोमवार को यह जानकारी दी।
बीओपी कई टन की धातु की बहुत भारी चादर होती है जिसे किसी भी गैस या तेल कुंए पर नीचे से ईंधन का रिसाव रोकने के लिए रख दिया जाता है।
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कंपनी अपने तीसरे प्रयास में बागजान 5 गैस पर बीओपी रख पायी है। गैस कुंए से 27 मई को भयंकर रिसाव होने लगा था।
ऑयल ने एक बयान में कहा, ‘‘ कुंए को ढंकने का अभियान प्रात: शुरू किया गया था और कुंए के मुख पर बीओपी सफलतार्वूक रख दिया गया।’’
उसने कहा, ‘‘ (उसके) 16 नट कस दिये गये हैं।’’
इस क्षतिग्रस्त गैस कुंए को ढकने का दूसरा प्रयास दस अगस्त को किया गया था लेकिन तब बीओपी को उठा रही लोहे की रस्सी टूट गयी थी। इससे पहले 31 जुलाई को भी प्रयास विफल रहा था, तब ढक्कन को उठी रही हाइड्रोलिक लिफ्ट गिर गयी थी।
कंपनी अनियंत्रित गैस रिसाव को रोकने और आग को बुझाने के लिए कुंए को नियंत्रित करने में जुटेगी।
असम के तिनसुकिया जिले के बागजान में कुंआ नंबर पांच से पिछले 83 दिनों से बेहिसाब गैस रिस रही है। उसमें नौ जून को आग लग गयी थी, फलस्वरूप ऑयल के दो अग्निशमन कर्मियों की जान चली गयी थी।
इस बीच कंपनी ने कहा है कि उसे अपने कुछ कुओं और स्थानों पर अब भी विरोध एवं नाकेबंदी का सामना करना पड़ रहा है और उसे पिछले कुछ महीने में उत्पादन में भारी नुकसान हुआ है।
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