गुरुग्राम, आठ जून डॉक्टर नरेश त्रेहान और 15 अन्य के खिलाफ कथित भ्रष्टाचार और धनशोधन के आरोप में यहां प्राथमिकी दर्ज की गई है। आरोपियों में कुछ निजी कंपनियां और सरकारी अधिकारी भी शामिल हैं।
पुलिस अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।
यह भी पढ़े | कोविड-19 के गोवा में आज 30 नए मरीज पाए गए : 8 जून 2020 की बड़ी खबरें और मुख्य समाचार LIVE.
अधिकारियों ने कहा कि सेक्टर 38 में एक 'मेडिसिटी' के लिए 53 एकड़ जमीन आवंटन में कथित अनियमितता को लेकर स्थानीय अतिरिक्त सत्र अदालत के निर्देश पर प्राथमिकी दर्ज की गयी है। इसके लिए 2004 में स्थानीय लोगों को वहां से हटाया गया था।
इस बीच मेदांता ने आरोपों को गलत और प्रेरित बताया।
यह भी पढ़े | चीन से तनाव पर बोले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, देश के मान-सम्मान पर चोट बर्दाश्त नहीं करेंगे.
एक मेदांता प्रवक्ता ने कहा कि यह शिकायत एक व्यक्ति द्वारा दायर की गई है जो आरटीआई कार्यकर्ता होने का दावा करता है, हालांकि, ऐसी खबरें आयी हैं कि उसके खिलाफ जबरन वसूली को लेकर प्राथमिकी दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि इस शिकायत में लगाए गए सभी आरोप पूरी तरह से गलत और निराधार हैं।
यह मामला सदर पुलिस थाने में शुक्रवार को दर्ज किया गया था और प्राथमिकी में आरोपियों पर धनशोधन निवारण अधिनियम, भ्रष्टाचार रोकथाम अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। इसके अलावा भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत भी मामला दर्ज किया गया है।
मामले के संबंध में जानकारी रखने वाले एक पुलिस अधिकारी ने पीटीआई- को बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर ली गयी है, लेकिन जांच अभी शुरू नहीं हुयी है। इस मामले की जांच वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा की जानी है और टीम का गठन किया जाना अभी बाकी है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY