विदेश से मुंबई पहुंचे 827 लोगों को पृथक-वास केंद्र में रखा गया
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मुंबई, 11 मई मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर रविवार को उतरे विदेश से लाए गए 827 भारतीयों को कोविड-19 के दिशानिर्देशों के मुताबिक संस्थागत पृथक-वास में रखा गया है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि किसी को भी हांलांकि पृथक वार्ड में नहीं भेजा गया है।

पृथक वार्ड में संक्रामक रोग से ग्रस्त व्यक्ति को उन लोगों से अलग रखा जाता है जो बीमार न हो, जबकि पृथक-वास में उन लोगों को अलग रखा जाता जो संक्रामक बीमारी की आशंका की जद में रहते हैं और उनकी आवाजाही को सीमित रखकर यह देखा जाता है कि कहीं वे बीमार तो नहीं पड़ रहे हैं।

बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) के एक अधिकारी ने बाताया कि अब तक शहर में चार उड़ानें आ चुकी हैं इनमें रविवार को लंदन, सिंगापुर और मनीला से आई उड़ानों के अलावा सोमवार को सैनफ्रांसिस्कों से आयी एक उड़ान भी शामिल है।

उन्होंने कहा कि चालक दल के सदस्यों को छोड़कर सैनफ्रांसिस्कों से आई उड़ान में 105 यात्री थे वहीं लंदन, सिंगापुर और मनीला से आई उड़ान में क्रमश: 329, 243 और 150 यात्री थे।

अधिकारी ने कहा, “इन यात्रियों में से किसी को भी पृथक वार्ड में नहीं रखा गया है।”

सूत्रों ने कहा कि यहां आने वाले कुल यात्रियों में से जो मुंबई के थे उन्हें हवाई अड्डे के निकट होटलों में अनिवार्य संस्थागत पृथक-वास में रखा गया जबकि अन्य शहरों के यात्रियों को राज्य परिवहन की बसों और टैक्सियों से उनके संबंधित शहरों को भेज दिया गया।

बीएमसी ने ‘मिशन वंदे भारत’ के तहत लौटने वाले यात्रियों को ठहराने के लिये 88 होटलों में 3340 से ज्यादा कमरे बुक किये हैं, जिनका इस्तेमाल संस्थागत पृथक-वास के लिये किया जाएगा।

बीएमसी ने कहा कि सिर्फ उन यात्रियों को पृथक वार्ड में भेजा जाएगा जिनमें बुखार, खांसी, सर्दी, सांस लेने में तकलीफ के लक्षण नजर आएंगे। अन्य लोगों को अनिवार्य संस्थागत पृथक-वास में रखा जाएगा।

बीएमसी अधिकारी ने कहा कि यहां हवाईअड्डे पर उतरने के बाद सभी यात्रियों की जांच की गई और उन्हें कोरोना वायरस को लेकर जानकारी दी गई।

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