देश की खबरें | सूमी से निकाले गए 600 भारतीय पोलैंड रवाना, बृहस्पतिवार को पकड़ सकते हैं भारत की उड़ान

नयी दिल्ली, नौ मार्च यूक्रेन के उत्तर-पूर्वी शहर सूमी से सुरक्षित निकाले गए लगभग 600 भारतीय छात्रों का अंतिम बड़ा समूह ल्वीव से पोलैंड के लिए एक विशेष ट्रेन में सवार हो चुका है और इसके बृहस्पतिवार को भारत के लिए उड़ान भरने की संभावना है।

छात्र एक अन्य विशेष ट्रेन से पोल्तावा से पश्चिमी यूक्रेन स्थित ल्वीव पहुंचे।

यूक्रेन में भारतीय दूतावास ने बुधवार को एक ट्वीट में कहा, "राजदूत ने ल्वीव रेलवे स्टेशन पर सूमी विश्वविद्यालय के 600 भारतीय छात्रों के साथ विशेष ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। वे पोलैंड की यात्रा करेंगे और कल उनके भारत के लिए निकासी उड़ानों में सवार होने की उम्मीद है। सुरक्षित रहें, हिम्मत रखें।"

सोशल मीडिया पर कई वीडियो दिखाई दिए जिनमें छात्र हाथों में तिरंगा थामे और ‘भारत माता की जय’ जैसे नारे लगाते दिखाई देते हैं।

सूमी में दो सप्ताह तक भारी कष्ट में रहे छात्रों को यूक्रेन में सैकड़ों मील की दूरी तय करते हुए परिवहन के कई साधनों से निकाला गया है।

भारत सरकार यूक्रेन में फंसे भारतीयों को सुरक्षित निकालने के लिए ‘ऑपरेशन गंगा’ के तहत सबसे चुनौतीपूर्ण निकासी कवायद को अंजाम दे रही है।

सूमी में निकासी अभियान मंगलवार सुबह शुरू हुआ जिसमें 600 भारतीयों के आखिरी बड़े समूह को शहर से निकाला गया।

छात्र समन्वयक अनशद अली ने बताया कि भारतीय नागरिकों को अंतरराष्ट्रीय रेडक्रॉस समिति द्वारा 13 बसों के काफिले में सूमी से पोल्तावा ले जाया गया।

छात्र युद्ध प्रभावित क्षेत्र से बचने के लिए एक कठिन यात्रा कर रहे हैं। सूमी से उन्हें निकालने का यह दूसरा प्रयास है, जो पिछले महीने यूक्रेन पर रूस का आक्रमण शुरू होने के बाद से भारी गोलाबारी का सामना कर रहा है।

उल्लेखनीय है कि पोल्तावा और ल्वीव के बीच की दूरी लगभग 888 किलोमीटर की है।

ट्रेन में सवार 25 वर्षीय मेडिकल छात्रा जिसना जिजी ने पीटीआई- से कहा कि उन्हें और अन्य छात्रों को सूमी से बाहर आने के बाद राहत मिली है।

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