नयी दिल्ली, दो जुलाई बिहार और उत्तर प्रदेश में बृहस्पतिवार को बिजली गिरने की घटनाओं में कम से कम 31 लोगों की मौत हो गई, जबकि असम में बाढ़ के कारण एक और व्यक्ति की जान चली गई। इस बीच मुंबई में बहुत भारी वर्षा होने की आशंका जतायी गई है।
राष्ट्रीय राजधानी में प्रचंड गर्मी जारी रही। दिल्लीवासियों को अभी भी बारिश का बेसब्री से इंतजार है।
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भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने दिल्ली में अगले दो दिन तक इसी तरह से शुष्क मौसम और सप्ताहांत पर बारिश की संभावना जतायी है। सफदरजंग वेधशाला ने अधिकतम तापमान सामान्य से तीन डिग्री अधिक 39.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया।
महानगर में अधिकतर स्थानों पर अधिकतम तापमान 39 डिग्री और 42 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। आर्द्रता का स्तर 55 से 80 प्रतिशत के बीच रहा।
हालांकि मौसम विभाग ने दिल्ली के लिए एक सामान्य मानसून का अनुमान लगाया है, लेकिन 25 जून को राष्ट्रीय राजधानी में मानसून के पहुंचने के बाद से बारिश नदारद रही है।
बिहार के आठ जिलों में आंधी और बारिश के दौरान बिजली गिरने से 26 लोगों की मौत हो गयी।
आपदा प्रबंधन विभाग से प्राप्त जानकारी के मुताबिक बिजली गिरने से राज्य के आठ जिलों-समस्तीपुर में सात, पटना में छह, पूर्वी चंपारण में चार, कटिहार में तीन, शिवहर एवं मधेपुरा में दो—दो और पूर्णियाँ एवं पश्चिम चम्पारण जिले में एक-एक व्यक्ति की मौत हुई है।
बिहार में बिजली की चपेट में आकर 26 लोगों की मौत पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गहरा दुख व्यक्त किया है।
उन्होंने कहा कि आपदा की इस घड़ी में वह प्रभावित परिवारों के साथ हैं।
मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को अविलंब चार-चार लाख रुपये की अनुग्रह राशि दिए जाने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने अपील की कि सभी लोग खराब मौसम में पूरी सतर्कता बरतें। खराब मौसम होने पर बिजली से बचाव के लिए आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा समय-समय पर जारी किए गए सुझावों का अनुपालन करें। खराब मौसम में घरों में रहें और सुरक्षित रहें।
बिहार में इससे पहले बिजली गिरने से 30 जून को पांच जिलों में 11 लोगों और 25 जून को 22 जिलों में 96 लोगों की मौत हो गयी थी।
उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में बिजली गिरने की घटनाओं में पांच लोगों की मौत हो गई तथा 12 अन्य घायल हो गए।
जिले के दोकटी थाना क्षेत्र के ‘बाबू का शिवपुर’ गांव में बृहस्पतिवार को बिजली की चपेट में आकर एक सेवानिवृत्त सैनिक समेत दो व्यक्तियों की मौत हो गई।
दोकटी थाना प्रभारी अमित सिंह ने बताया कि बृहस्पितवार दोपहर बिजली की चपेट में आकर खेत में काम कर रहे सेवानिवृत्त सैनिक बाबूलाल सिंह (70) और निर्मल वर्मा (43) की मौत हो गई।
इससे पहले बुधवार को सिकंदरपुर और भीमपुरा क्षेत्रों में खराब मौसम के बीच गिरी बिजली की चपेट में आने से दो महिलाओं समेत तीन लोगों की मौत हो गई तथा 12 अन्य झुलस गए।
पुलिस सूत्रों ने बृहस्पतिवार को बताया कि सिकंदरपुर थाना क्षेत्र के महथापार गांव में बुधवार शाम बिजली गिरने से खेत में काम कर रहे 10 लोग गंभीर रूप से झुलस गए। उन्हें सिकंदरपुर स्थित सरकारी अस्पताल ले जाया गया जहां सविता (35) और शीला (19) को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
उधर, बुधवार को ही भीमपुरा थाना क्षेत्र के रामपुर मड़ई गांव में किसान रामसरीखा राजभर (28) की भी बिजली गिरने से खेत में ही मौत हो गई।
इसके अलावा खेजुरी थाना क्षेत्र के हथौज गांव में बुधवार को धान की रोपाई कर रहीं तीन लड़कियों समेत चार लोग खराब मौसम के बीच गिरी बिजली की चपेट में आकर झुलस गए सभी को मनियर स्थित सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
असम के 33 में से 22 जिले बृहस्पतिवार को बाढ़ की चपेट में आ गए और इसके कारण 16.03 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं।
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) ने कहा कि एक और व्यक्ति की मृत्यु के बाद बाढ़ और इससे संबंधित घटनाओं के कारण अब तक 34 लोगों की मौत हो चुकी है।
प्राधिकरण के ताजा बुलेटिन के अनुसार, बाढ़ के कारण गोवालपारा में एक व्यक्ति की मौत हो गई।
धेमाजी, लखीमपुर, बिश्वनाथ, चिरांग, दर्रांग, नलबाड़ी, बारपेटा, बोंगाईगांव, कोकराझार, धुबरी, दक्षिण सालमारा, गोवालपारा, कामरूप, कामरूप (मेट्रो), मोरीगांव, नगांव, गोलाघाट, जोरहट, शिवसागर, डिब्रूगढ़, तिनसुकिया और पश्चिमी कर्बी आंगलोंग जिले बाढ़ की चपेट में आ गए हैं।
प्राधिकरण के मुताबिक, बाढ़ की सबसे अधिक मार बारपेटा पर पड़ी है जहां करीब 8.60 लाख लोग प्रभावित हुए हैं, जिसके बाद दक्षिण सालमारा में 1.95 लाख, गोवालपारा में 94 हजार से अधिक और मोरीगांव में 62 हजार से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं।
बुलेटिन के अनुसार, जिला प्रशासन और आम लोगों ने पिछले 24 घंटे में चार जिलों से 2,852 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।
मुख्य सचिव कुमार संजय कृष्णा ने बृहस्पतिवार को कहा कि राज्य सरकार असम में बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
उन्होंने ट्वीट किया, '' राज्य भर में बचाव, राहत और समय पर निवारण उपाय शुरू किए गए हैं। संकट के इस समय में सरकार हर आवश्यक कदम उठा रही है। पूरे परिदृश्य में सुधार के संकेत दिखाई दे रहे हैं।''
ब्रह्मपुत्र नदी कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। उसकी सहायक नदियां भी उफान पर हैं।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने बृहस्पतिवार को मुंबई और आसपास के तटवर्ती क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश का अनुमान लगाते हुए अगले दो दिन के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
ऑरेंज अलर्ट का मतलब है कि प्रशासन बेहद खराब मौसम के कारण उत्पन्न परिस्थितियों से निपटने की तैयारी कर ले।
मौसम विभाग मुंबई की वरिष्ठ निदेशक शुभांगी भटे ने बताया कि रत्नागिरी जिले में शुक्रवार को अत्यधिक भारी वर्षा होने और शनिवार को रायगढ़ में ऐसी भी बारिश होने का अनुमान है। गौरतलब है कि रत्नागिरी जिले में पिछले महीने आये चक्रवातीय तूफान निसर्ग से भी काफी नुकसान हुआ था।
उन्होंने बताया कि मुंबई के कुछ इलाकों में भारी से अत्यधिक भारी वर्षा होने का अनुमान है।
मौसम विभाग के अनुसार, 24 घंटे में 64.5 मिलीमीटर से 115.5 मिलीमीटर के बीच हुई वर्षा को भारी और 115.5 मिलीमीटर से 204.5 मिलीमीटर के बीच हुई बारिश को अत्यधिक भारी वर्षा माना जाता है।
मौसम विभाग के एक अन्य अधिकारी ने बताया कि शुक्रवार और शनिवार के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। प्रशासन और लोगों से सतर्क रहने को कहा गया है।
इस बीच मौसम विभाग की ओर से जारी अलर्ट के मद्देनजर मुंबई पुलिस ने लोगों से अनुरोध किया है कि वे घरों से बाहर ना निकलें।
शहर पुलिस ने ट्वीट किया है, ‘‘अत्यधिक बारिश का अलर्ट। मौसम विभाग ने मुंबई में शुक्रवार और शनिवार को कई जगहों पर भारी से अत्यधिक भारी वर्षा का अनुमान जताया है। सभी लोगों को घर के भीतर रहने, अकारण बाहर नहीं निकलने और जरूरी एहतियात बरतने की सलाह दी जाती है।’’
तेज बारिश के चलते दो यात्री उड़ानों को यहां देवी अहिल्याबाई होलकर अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर उतरने की अनुमति नहीं दी गयी और उन्हें दूसरे शहरों को रवाना कर दिया गया।
हवाईअड्डे की निदेशक अर्यमा सान्याल ने बताया कि स्टार एयर की राजस्थान के किशनगढ़ से इंदौर आ रही उड़ान को तेज बारिश के कारण अहमदाबाद भेज दिया गया।
उन्होंने बताया कि इंडिगो एयरलाइन की दिल्ली से इंदौर आ रही उड़ान को खराब मौसम के कारण भोपाल भेज दिया गया।
सान्याल ने बताया कि मौसम की स्थिति में सुधार पर दोनों उड़ानों को उनके मूल गंतव्य इंदौर लाया जाएगा।
हरियाणा और पंजाब में बृहस्पतिवार को भी मौसम गर्म और उमस भरा रहा तथा अधिकतम तापमान सामान्य से दो-तीन डिग्री सेल्सियस ज्यादा दर्ज किया गया।
मौसम विभाग के अनुसार, दोनों ही राज्यों की संयुक्त राजधानी चंडीगड़ में अधिकतम तापमान 37.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो कि सामान्य से दो डिग्री सेल्सियस अधिक है।
हरियाणा के हिसार में अधिकतम तापमान 42.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से चार डिग्री सेल्सियस अधिक है। वहीं नारनौल में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
अंबाला में अधिकतम तापमान 38.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो कि सामान्य से तीन डिग्री सेल्सियस ज्यादा है। वहीं करनाल में तापमान 37 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो कि सामान्य से दो डिग्री सेल्सियस अधिक है।
पंजाब के अमृतसर में तापमान 40.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो कि सामान्य से पांच डिग्री सेल्सियस अधिक है। वहीं लुधियाना और पटियाला में तापमान क्रमश: 40.6 डिग्री सेल्सियस और 38.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो कि सामान्य से क्रमश: पांच से तीन डिग्री सेल्सियस अधिक है।
हरियाणा और पंजाब में पिछले तीन-चार दिन में बारिश नहीं हुई है और मौसम उमस भरा हो गया है। दोनों ही राज्यों में एक सप्ताह पहले दक्षिण-पश्चिमी मानसून दस्तक दे चुका है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, अगले दो दिन में हरियाणा और पंजाब के कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है या गरज के साथ छींटे पड़ सकते हैं।
कृष्ण
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