पणजी, 21 जुलाई केंद्रीय मंत्री आर के सिंह ने शुक्रवार को कहा कि शून्य कार्बन उत्सर्जन के लक्ष्य को हासिल करने के लिए नवीनीकरण ऊर्जा का भंडार करना आवश्यक है ताकि यह 24 घंटे उपलब्ध रहे।
गोवा में जी20 देशों की स्वच्छ ऊर्जा पर मंत्री स्तरीय 14वीं बैठक और मिशन इनोवेशन की 8वीं बैठक के उद्घाटन कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए सिंह ने यह भी कहा कि सरकारों को नवीनीकरण ऊर्जा की भंडारण क्षमताओं के निर्माण पर काम करना होगा।
केंद्रीय ऊर्जा तथा नवीन तथा नवीनीकरण ऊर्जा मंत्री सिंह ने कहा, ‘‘अगर आप शून्य कार्बन उत्सर्जन का लक्ष्य हासिल करना चाहते हैं तो आपको नवीनीकरण ऊर्जा का भंडारण करना होगा ताकि यह 24 घंटे उपलब्ध रहे और यही एक समस्या है। भंडारण की लागत बहुत ज्यादा है।’’
उन्होंने किसी देश का नाम लिए बगैर कहा, ‘‘हम इस पर बात करते रहते हैं कि ऊर्जा परिवर्तन और जलवायु परिवर्तन कितना महत्वपूर्ण है। लेकिन अगर हम वास्तव में गंभीर होते तो हमारे पास बैटरियों की अधिक क्षमता होती। हमारे पास अभी केवल एक देश है जो यह कर रहा है।’’
सिंह ने कहा कि लिथियम का भंडारण सीमित होना भी एक अन्य चुनौती है और इसका सबसे अधिक भंडारण केवल एक या दो देशों के पास है।
उन्होंने कहा, ‘‘हमें रसायन विज्ञान के सवाल से भी निपटना होगा - केवल लिथियम ही क्यों और सोडियम-आयन (बैटरी निर्माण के लिए) क्यों नहीं।’’
इस क्षेत्र में भारत की विभिन्न पहल के बारे में बात करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश की योजना भंडारण के रूप में हरित हाइड्रोजन तथा हरित अमोनिया का इस्तेमाल करने की है।
उन्होंने कहा कि जी20 देशों को आपूर्ति श्रृंखला के मुद्दों से भी निपटने की आवश्यकता है जो कोविड-19 महामारी और यूक्रेन युद्ध के कारण बढ़ गए हैं।
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