देश की खबरें | ओडिशा में पिछले 27 साल के दौरान जहरीली शराब से गई 231 लोगों की जान : मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन

भुवनेश्वर, 31 अगस्त ओडिशा में 1992 से 2019 के बीच 27 वर्षों में जहरीली शराब पीने से 231 लोगों की मौत हुई। आबकारी मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन ने शनिवार को विधानसभा को यह जानकारी दी।

कांग्रेस विधायक नीलामाधव हिकाका के प्रश्न के लिखित उत्तर में मंत्री ने बताया कि 1992 में कटक जिले में जहरीली शराब पीने से सबसे अधिक 134 लोगों की मौत हुई थी।

हरिचंदन ने बताया कि 2012 में तत्कालीन भुवनेश्वर एवं कटक जिले के तुकुलीपाड़ा में भी जहरीली शराब पीने से 41 लोगों की मौत हुई थी।

मंत्री ने बताया कि जहरीली शराब पीने से 2001 में पुरी में 20 लोगों की, 2006 में गंजाम जिले में 19 लोगों की, 2009 में दस (खुर्दा में तीन और बोलनगीर में सात) और 2019 में भद्रक जिले में सात लोगों की जान गई थी।

हरिचंदन ने कहा कि सरकार के पास फिलहाल शराब पीने के कारण बीमार पड़ने वाले लोगों और शराब के आदी लोगों को सहायता देने एवं उनका पुनर्वास करने के संबंध में कोई प्रस्ताव नहीं है।

उन्होंने बताया कि ओडिशा में कुल 433 देशी शराब (महुआ) की दुकानें हैं और सरकार ने चालू वित्त वर्ष के दौरान इन दुकानों से 227 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त किया है, जो राज्य में शराब की बिक्री से एकत्रित कुल राजस्व का नौ प्रतिशत है।

इस बीच, गंजाम जिले के चिकिटी इलाके में कथित तौर पर जहरीली शराब पीने से शनिवार सुबह एक और व्यक्ति की मौत हो गई। इसी के साथ इस हादसे में मरने वाले लोगों की संख्या बढ़कर तीन हो गई है।

विपक्षी बीजू जनता दल (बीजद) की विधानसभा में मुख्य सचेतक प्रमिला मलिक ने शून्यकाल के दौरान यह मुद्दा उठाया।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)