मध्यवर्ती शहर दीर अल-बला और उसके आसपास के शरणार्थी शिविरों पर लगातार दूसरी रात ये घातक हमले ऐसे समय में हुए हैं जब अमेरिका, मिस्र और कतर के मध्यस्थ तथा इजराइली अधिकारी संघर्ष विराम समझौते तथा बंधकों की रिहाई की कोशिश में कतर की राजधानी दोहा में वार्ता के लिए एकत्र हुए हैं। वैसे यह संघर्षविराम समझौता दूर की कौड़ी जान पड़ता है।
ऐसा लगता है कि हाल के दिनों में इजराइल और हमास ने अपने मतभेदों को कुछ हद तक सुलझा लिया है लेकिन समझौते की राह में अब भी बाधाएं बनी हुई हैं।
अल-अक्स मार्टायर्स अस्पताल के अधिकारियों ने बताया कि बुधवार को तड़के नुसीरत शरणार्थी शिविर में तीन मकानों को निशाना बनाया गया जिसमें पांच बच्चों समेत 12 लोगों की जान चली गयी।
इसी अस्पताल में हताहतों को लाया गया था।
दीर अल-बला में तड़के एक अन्य हमले में एक मकान को निशाना बनाया गया तथा इस हमले में चार पुरूषों, तीन महिलाओं और एक बच्चे की जान चली गयी। यह मकान ‘मानवीय रूप से सुरक्षित क्षेत्र’ में है। इजराइल जब गाजा पट्टी के विभिन्न भागों को निशाना बनाने लगा, तब उसने फलस्तीनियों से इसी क्षेत्र में शरण लेने को कहा था।
रात भर की गयी इस बमबारी से कुछ घंटे पहले इजराइल के जंगी विमानों ने दक्षिणी शहर खान यूनिस के बाहर एक विद्यालय को निशाना बनाया जहां विस्थापित परिवारों ने शरण ले रखी है। इस हमले में मरने वालों की संख्या 31 हो गयी जिनमें से आठ बच्चे हैं। हमले में 50 से अधिक लोग घायल हुए हैं। नजदीकी नास्सेर अस्पताल के अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY