नयी दिल्ली, 20 जुलाई सरकार ने लोकसभा को बृहस्पतिवार को बताया कि जुलाई 2020 से मार्च 2023 तक करीब तीन वर्षों में देश में 19,687 सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम बंद हो गए या उन्होंने काम करना बंद किया।
लोकसभा में कल्याण बनर्जी के प्रश्न के लिखित उत्तर में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम राज्य मंत्री भानुप्रताप सिंह वर्मा ने यह बात कही। सदस्य ने पूछा था कि क्या वित्त वर्ष 2022-23 के दौरान 10,655 एमएसएमई बंद हुए हैं जो पिछले चार वर्ष में सर्वाधिक है।
वर्मा ने अपने उत्तर में उद्यम पंजीकरण पोर्टल के आंकड़े प्रस्तुत किये जिनके अनुसार, जुलाई 2020 से मार्च 2021 तक 175 सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) बंद हुए या उन्होंने कार्य करना बंद किया। वहीं, अप्रैल 2021 से मार्च 2022 तक 6,222 एमएसएमई बंद हुए तथा एक अप्रैल 2022 से मार्च 2023 तक 13,290 एमएसएमई बंद हुए या कार्य करना बंद किया।
इस प्रकार से जुलाई 2020 से मार्च 2023 तक करीब तीन वर्षो में 19,687 सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम बंद हुए या काम करना बंद किया।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय देश में एमएसएमई को ऋण सहायता, प्रौद्योगिकी सहायता, अवसंरचना विकास, कौशल विकास तथा प्रशिक्षण एवं बाजार सहायता के क्षेत्रों में विभिन्न योजनाओं का कार्यान्वयन करता है।
उन्होंने बताया कि सरकार ने देश में एमएसएमई को सहायता प्रदान करने के लिए कई पहल की हैं जिनमें एमएसएमई सहित व्यवसाय के लिए 5 लाख रूपये की आकस्मिक ऋण सुविधा गारंटी योजना, एमएसएमई आत्मनिर्भर भारत निधि के माध्यम से 50 हजार रूपये का इक्विटी समावेशन, व्यवसाय की सुगमता के लिए एमएसएमई हेतु ‘उद्यम पंजीकरण’, एमएसएमई के वर्गीकरण का नया संशोधित मानदंड आदि शामिल हैं।
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