अफगान सरकार और विरोधियों के बीच समझौते को लेकर जल्द बातचीत होने को लेकर उम्मीदें बढ़ने के बीच यह हिंसा हुई है।
प्रांतीय गवर्नर के प्रवक्ता मुनीर अहमद फरहाद के अनुसार, उत्तरी बल्ख प्रांत में आत्मघाती हमलावर द्वारा किये गये ट्रक हमले में दो अफगान कमांडो और एक नागरिक सहित तीन लोगों की जान गयी।
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उत्तर में अफगान सेना के प्रवक्ता हनीफ रेजाई के अनुसार, प्रारंभिक सैन्य रिपोर्ट में कहा गया है कि विस्फोट में कम से कम छह कमांडो और लगभग 35 नागरिक घायल हो गए। विस्फोट में आसपास के दर्जनों नागरिकों के घरों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया।
रेजाई ने कहा, ‘‘घायल नागरिकों में से अधिकतर महिलाएं और बच्चे हैं।”
तालिबान के प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने एक ट्वीट में बल्ख हमले की जिम्मेदारी लेते हुए दावा किया कि हमले में 10 से अधिक सैन्य कर्मी मारे गए हैं।
अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी ने बल्ख प्रांत में हमले की कड़ी निंदा की और कहा कि फरवरी में समझौता होने के बावजूद तालिबान ने अफगानिस्तान के बड़े शहरों पर हमले तेज कर दिए हैं। उन्होंने बयान जारी कर कहा, ‘‘युद्ध और हिंसा को लेकर तालिबान की जिद से शांति अवसरों के लिए चुनौती पैदा हो गया है।’’
गनी ने कहा कि तालिबान को युद्ध बंद करना चाहिए और अफगान नागरिकों की हत्या नहीं करनी चाहिए, उसे संघर्ष विराम को स्वीकार कर सीधे अफगानिस्तान की सरकार से वार्ता करनी चाहिए।
बल्ख में एक अन्य हमले में बंदूकधारियों ने पांच लोगों की हत्या कर दी जिनमें लड़ाकूओं का एक पूर्व कमांडर अब्दुल रऊफ, उसके दस और 11 वर्ष के दो बेटे और दो अन्य व्यक्ति शामिल हैं।
प्रांतीय पुलिस के प्रमुख आदिल शाह आदिल ने कहा कि किसी ने हमले की तुरंत जिम्मेदारी नहीं ली है लेकिन आदिल ने कहा कि रऊफ निशाने पर थे और पुलिस मामले की जांच कर रही है।
तालिबान अक्सर बढ़ाचढ़ा कर दावे पेश करते हैं।
मंगलवार को, पश्चिमी घोर प्रांत में सुरक्षा बलों की एक चौकी पर हुए हमले में आठ सैनिक मारे गए और पांच घायल हो गए। प्रांतीय गवर्नर के प्रवक्ता आरिफ अबर ने यह जानकारी दी।
काबुल पुलिस प्रमुख के प्रवक्ता फिरदौस फरामर्ज ने कहा कि काबुल में सड़क के किनारे बम विस्फोट में एक पुलिस अधिकारी की मौत हो गयी जबकि अज्ञात हमलावरों की गोलियों से एक महिला पुलिसकर्मी और उसका चालक घायल हो गया।
संयुक्त राष्ट्र की जुलाई में जारी एक रिपोर्ट के मुताबिक 2020 के पहले छह महीने में अफगानिस्तान में हिंसा में 1282 लोग मारे जा चुके हैं।
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