मुजफ्फरनगर (उप्र), 17 जनवरी मुजफ्फरनगर की विशेष एमपी/एमएलए अदालत ने एक मांस प्रसंस्करण इकाई में तोड़फोड़ और आगजनी के करीब 16 साल पुराने एक मामले में बुढ़ाना सीट से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व विधायक उमेश मलिक समेत 16 अभियुक्तों को सुबूतों के अभाव में मंगलवार को बरी कर दिया।
शासकीय अधिवक्ता अरुण शर्मा ने बताया कि 21 अगस्त 2006 को कथित हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ताओं ने जानसठ मार्ग स्थित ‘अल नूर मीट प्लांट’ को बंद करने की मांग को लेकर हंगामा किया था। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर पुलिस पर हमला करते हुए तोडफोड़ तथा आगजनी की थी।
उन्होंने बताया कि इस मामले में भाजपा के पूर्व विधायक उमेश मलिक, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ नेताओं ओंकार सिंह, संजय अग्रवाल, राजीव मित्तल और रामानुज दुबे समेत 20 लोगों के खिलाफ मारपीट, तोडफोड़, बलवा, सरकारी कार्य में बाधा डालने समेत विभिन्न आरोपों में रिपोर्ट दर्ज की गयी थी।
शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि मुकदमा विचारण के दौरान मोहन बाबा नामक अभियुक्त की मौत हो गयी तथा स्वामी यज्ञ मुनि, राजू धीमान और रविन्दर फरार हैं।
शर्मा ने बताया कि विशेष एमपी/एमएलए अदालत के न्यायाधीश गोपाल उपाध्याय ने पूर्व विधायक उमेश मलिक समेत बाकी 16 अभियुक्तों को सुबूतों के अभाव में बरी कर दिया।
उमेश मलिक वर्ष 2017 से 2022 तक मुजफ्फरनगर की बुढ़ाना सीट से भाजपा के विधायक रह चुके हैं।
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