चाईबासा (झारखंड), 17 अक्टूबर दिल्ली से मुक्त कराई गई, मानव तस्करी की शिकार 12 बच्चियों और महिलाओं को चाईबासा लाया गया है। इससे पहले उन्हें दिल्ली से वापस राज्य लाया गया था।
एक आधिकारिक बयान में बताया गया है कि तस्करी का शिकार हुए लोगों में 10 बच्चियां और दो महिलाएं हैं।
बयान में कहा गया है कि ज्यादातर बच्चियां पश्चिमी सिंहभूम जिले के गोइलकेरा, गुदरी और बंदगांव ब्लॉक की हैं।
जिला बाल संरक्षण अधिकारी पुनीता तिवारी ने कहा कि बच्चियों के परिवार के सदस्य पढ़े लिखे नहीं हैं।
तिवारी ने बताया कि तस्करों ने परिवारों को पैसे का लालच दिया और बच्चियों को रोजगार दिलाने का झांसा देकर उन्हें राष्ट्रीय राजधानी ले गए।
बयान में कहा गया है कि जिलाधिकारी एवं उपायुक्त अनन्या मित्तल के निर्देश पर तिवारी व जिला पुलिस के कर्मी उन्हें शनिवार की रात रांची से चाईबासा लेकर आए।
चाईबासा पश्चिमी सिंहभूम जिले का मुख्यालय है।
दिल्ली में स्थित झारखंड भवन में पुनर्वास एवं संसाधन केंद्र के एक अधिकारी की सूचना के बाद तस्करों का पता लगाया गया।
अधिकारी ने कहा कि दिल्ली पुलिस और एक संगठन के कर्मियों द्वारा बचाए जाने के बाद बच्चियों को बालिका आश्रय गृह में रखा गया था।
सूचना मिलने के बाद राज्य कल्याण विभाग ने टीम गठित की थी जो बच्चियों को ट्रेन के जरिए दिल्ली से रांची ले गई।
बाल कल्याण समिति के निर्देश पर बच्चियों को चाईबासा के एक आश्रय गृह में रखा गया है।
बयान के मुताबिक, उन्हें उनके परिजनों को सौंप दिया जाएगा।
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