कोच्चि (केरल), 20 अगस्त केरल के कोच्चि में त्रिपुनिथुरा में रविवार को झांकियों और लोक-नृत्यों के बीच अथाचामयम समारोह के साथ 10 दिवसीय ‘ओणम’ उत्सव शुरू हो गया।
उत्सव की शुरुआत आधिकारिक तौर पर केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने की और इस कार्यक्रम में कई राजनीतिक नेताओं के साथ अभिनेता ममूटी भी उपस्थित थे।
दीप प्रज्जवलित करने के बाद विजयन ने कहा कि समारोहों की धर्मनिरपेक्ष प्रकृति को वर्तमान समय में भी बरकरार रखा जाना चाहिए। जैसा कि कोच्चि के तत्कालीन शाही साम्राज्य के समय उत्सव मनाया जाता था।
विजयन ने यह भी कहा कि ओणम की धर्मनिरपेक्ष प्रकृति जाति, पंथ और धर्म से परे मन की एकता प्रदर्शित करती है।
अथाचामयम समारोह में थेय्यम, कोलकाली, मयिलाट्टम, अम्मनकुदम, पुलीकाली जैसे विभिन्न लोक नृत्य और कथकली जैसी शास्त्रीय नृत्य ने अलग ही रंग भर दिया।
उत्सव देखने आए लोगों ने मीडिया को बताया कि बारिश, प्राकृतिक आपदाओं और महामारी के कारण कई वर्षों से समारोह का आयोजन उतना भव्य नहीं हुआ था, जैसा कि पहले हुआ करता था।
उन्होंने कहा, ‘‘इस वर्ष उत्सव की शुरुआत रविवार को हुई, इसीलिए टीवी पर देखने के बजाय मौके पर आकर देखने का निर्णय लिया।’’
रजवाड़ों के समय में, कोच्चि के महाराजा त्रिपुनिथुरा से त्रिक्काकारा के वामनमूर्ति मंदिर तक शोभायात्र में भाग लेते थे।
दंतकथाओं के अनुसार, यह त्योहार राजा महाबली के स्वागत के लिए मनाया जाता है। माना जाता है कि उनकी आत्मा ओणम के दौरान अपनी प्रजा को देखने के लिए केरल आती है।
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