विदेश की खबरें | ब्रिटेन: स्थानीय काउंसिल ने ''क्लाइव ऑफ इंडिया'' की प्रतिमा को हटाए जाने से बचाया

लंदन, 16 जुलाई ब्रिटिश राज के शुरुआती दिनों में भारत में ब्रिटेन का औपनिवेशक वर्चस्व कायम करने में अपनी भूमिका के लिये ''क्लाइव ऑफ इंडिया'' के नाम से मशहूर रॉबर्ट क्लाइव की पश्चिमी इंग्लैंड के श्र्यूजबरी में स्थापित मूर्ति को स्थानीय काउंसिल ने हटाने से बचा लिया।

''नस्लवादी'' प्रतिमा को हटाने का पक्ष लेने वाली याचिका पर 23,000 जबकि नहीं हटाये जाने का समर्थन करने वाली याचिका पर आठ हजार लोगों ने हस्ताक्षर किये थे। श्रोपशर काउंसिल इस प्रतिमा के भविष्य पर चर्चा कर रही थी।

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काउंसिल में इस सप्ताह इस मामले पर हुए मतदान में 28 काउंसलरों ने प्रतिमा को नहीं हटाने के पक्ष में मतदान किया जबकि इसे हटाने के पक्ष में 17 वोट पड़े।

स्थानीय प्राधिकरण में कंजरवेटिव पार्टी के नेता पीटर न्यूटिंग ने कहा कि क्लाइव के जन्मस्थान पर प्रतिमा बरकरार रहनी चाहिये। उन्होंने दलील दी की कोलकाता में भी तो उनकी प्रतिमा लगी हुई है।

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काउंसिलर न्यूटिंग ने कहा, ''श्रोपशर काउंसिल का नेता होने के नाते और इस मामले पर सावधानीपूर्वक विचार करने के बाद, मेरा मानना है कि श्रयूजबरी में चौराहे पर लगी रॉबर्ट क्लाइव की प्रतिमा को हटाया नहीं जाना चाहिये।''

न्यूटिंग ने कहा कि उनकी प्रतिमा के बराबर में एक सूचना बोर्ड लगाया जा सकता है ताकि लोग क्लाइव के बारे में जानकर उनके बारे में अपनी राय बना सकें।

प्रतिमा को हटाए जाने की एक याचिका शुरू करने वाले डेविड पैरटन ने कहा कि वह इस फैसले से ''स्तब्ध'' हैं।

उन्होंने कहा, ''प्रतिमा को पूरी तरह हटाने पर ही यह साफ हो पाएगा कि काउंसिल नस्लवाद को लेकर गंभीर है।''

18 वीं सदी में ईस्ट इंडिया कंपनी के तहत बंगाल के गवर्नर रहे क्लाइव औपनिवेशिक भारत के इतिहास में एक प्रमुख व्यक्तित्व हैं।

प्रतिमा के खिलाफ शुरू की गई याचिकाओं में ब्रिटिश राज के प्रारंभिक दिनों में बंगाल को ''लूटने'' में क्लाइव की भूमिका का उल्लेख किया गया है।

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