जरुरी जानकारी | प्लास्टिक उद्योग को चिकित्सा उपकरणों के लिये अच्छी गुणवत्ता वाला कच्चा माल बनाना चाहिए: सरकार

नयी दिल्ली, 16 जुलाई केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने बृहस्पतिवार को कहा कि प्लास्टिक उद्योग को चिकित्सा उपकरण क्षेत्र के लिये उच्च गुणवत्ता के कच्चे माल के विनिर्माण को लेकर तैयार रहना चाहिए। सरकार आयात पर निर्भरता कम करने के लिये चिकित्सा उपकरण क्षेत्र को बढ़ावा दे रही है।

रसायन एवं उर्वरक राज्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार कोविड-19 के प्रभाव से प्लास्टिक उद्योग के हितों की रक्षा के लिये हर संभव उपाय करेगी।

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उद्योग मंडल फिक्की द्वारा आयोजित वेबिनार (इंटरनेट के माध्यम से होने वाला सेमिनार) को संबोधित करते हुए मांडविया ने कहा कि देश को औषधि क्षेत्र के प्रमुख रसायनों (एपीआई) और चिकित्सा उपकरण समेत सभी महत्वपूर्ण उत्पादों के मामले में आत्मनिर्भर होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि सरकार ने दीर्घकालीन और अल्पकालीन नीति पर काम करना शुरू कर दिया है ताकि यह यह सुनिश्चित हो कि भारत महत्वपूर्ण उत्पादों के लिये आयात पर निर्भर नहीं हो। हाल में 14,000 करोड़ रुपये का औषधि पैकेज इसी को ध्यान में रखकर घोषित किया गया है।

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मंत्री ने कहा कि चिकित्सा उपकरण के क्षेत्र में काफी अवसर है। ‘‘हम क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने के लिये समर्थनकारी नीति लेकर आये हैं। गुणवत्तापूर्ण प्लास्टिक की जरूरत होगी।’’

उन्होंने कहा, ‘‘जब चिकित्सा उपकरण विनिर्माण इकाइयां भारत आएंगी, उन्हें प्लास्टिक जैसे कच्चे माल के लिये आयात पर निर्भर नहीं रहना चाहिए।’’

मांडविया ने कहा, ‘‘चिकित्सा उपकरण क्षेत्र की जरूरत को ध्यान में रखते हुए अच्छी गुणवत्तता के प्लास्टिक के देश में विनिर्माण के बारे में विचार कीजिए। इस संदर्भ में शोध शुरू होना चाहिए। व्यापक स्तर पर विकास आत्म निर्भर भारत का हिस्सा है।’’

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