नयी दिल्ली, 16 जुलाई दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग ने फरवरी में यहां हुए दंगों के लिए बृहस्पतिवार को जारी अपनी तथ्यान्वेषी रिपोर्ट में भाजपा नेताओं पर उंगली उठायी और उन पर विधानसभा चुनाव के दौरान भाषण के जरिए कथित तौर पर लोगों को ''उकसाने'' का आरोप लगाया।
रिपोर्ट को खारिज करते हुए दिल्ली भाजपा के प्रवक्ता हरीश खुराना ने आयोग पर अपनी पार्टी के खिलाफ आधारहीन इल्जाम मढ़ने का आरोप लगाया।
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पहले ही उपराज्यपाल अनिल बैजल और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को सौंपी जा चुकी 130 पन्ने की इस रिपोर्ट में दिल्ली पुलिस पर भी ''निष्क्रियता'' बरतने का आरोप लगाया गया है।
दिल्ली पुलिस के अतिरिक्त प्रवक्ता अनिल मित्तल ने कहा, '' हमें दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग की ओर से अब तक कोई रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है।''
वहीं, खुराना ने कहा, '' यह एक राजनीतिक रिपोर्ट है। क्या इसमें पार्षद ताहिर हुसैन का जिक्र किया गया है जो कि दंगों के संबंध में जेल में है?''
डीएमसी के कार्यालय में आयोग के अध्यक्ष जफरुल इस्लाम खान और 10 सदस्यीय तथ्यान्वेषी समिति का नेतृत्व करने वाले एमआर शमशाद ने रिपोर्ट को जारी किया।
रिपोर्ट के प्रमुख निष्कर्षों में हिंसा के लिए ''बार-बार उकसावे'' का उल्लेख किया गया।
डीएमसी के बयान के मुताबिक, '' पूरे दिल्ली विधानसभा चुनाव प्रचार अभियान के दौरान दिसंबर 2019 से फरवरी 2020 तक दिल्ली भाजपा के नेताओं ने सीएए प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसा भड़काने के वास्ते लोगों को उकसाने वाले कई भाषण दिए।''
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