ट्रंप ने यूक्रेन को शांति योजना स्वीकार करने के लिए दिया एक हफ्ते का वक्त
अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने रूस-यूक्रेन युद्ध रोकने के लिए नई योजना पेश की है और साथ ही यूक्रेन को इसे स्वीकार करने के लिए एक हफ्ते का वक्त दिया है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने रूस-यूक्रेन युद्ध रोकने के लिए नई योजना पेश की है और साथ ही यूक्रेन को इसे स्वीकार करने के लिए एक हफ्ते का वक्त दिया है.अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की यूक्रेन में शांति योजना को लेकर यूक्रेन और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ गया है. इस योजना में रूस की प्रमुख मांगों को शामिल किया गया है, और ट्रंप ने कहा है कि यूक्रेन को इसे एक सप्ताह के भीतर स्वीकार करना होगा.
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने शुक्रवार, 21 नवंबर को चेतावनी दी कि अगर कीव ने इस योजना को स्वीकार किया, तो देश अपनी "गरिमा और स्वतंत्रता” खो सकता है, और यदि इनकार किया, तो संभव है कि अमेरिका का समर्थन भी समाप्त हो जाए.
ट्रंप ने फॉक्स न्यूज रेडियो से कहा कि उन्हें लगता है, "गुरुवार इस योजना को स्वीकार करने की उपयुक्त समय सीमा है.” उन्होंने बाद में संवाददाताओं से कहा कि सर्दियां आने और बढ़ते खून-खराबे के मद्देनजर "अब समय बहुत कम बचा है” और जेलेंस्की को योजना को मंजूर करना होगा.
ट्रंप ने कहा, "उन्हें इसे स्वीकारना ही होगा. अगर उन्हें यह पसंद नहीं आता, तो मेरे ख्याल से उन्हें बस लड़ते रहना होगा.” ट्रंप बोले कि किसी न किसी समय जेलेंस्की को कुछ ऐसा स्वीकार करना होगा, जिसे उन्होंने अब तक अस्वीकार किया है.
ट्रंप ने फरवरी में व्हाइट हाउस में जेलेंस्की से हुई विवादास्पद बैठक को याद करते हुए कहा, "आपको याद होगा, ज्यादा समय नहीं बीता है, जब मैंने ओवल ऑफिस में कहा था, आपके पास कोई कार्ड्स नहीं हैं.”
क्या है ट्रंप का प्लान
अमेरिका की 28 बिंदुओं वाली योजना के मसौदे में यूक्रेन से कहा गया है कि वह कुछ क्षेत्रों से पीछे हटे, अपनी सेना की सीमा तय करे और नाटो में शामिल होने की आकांक्षा त्याग दे. इसमें रूस के लिए कुछ असहज बिंदु भी हैं, जिनमें उसकी सेना की कब्जाई हुई कुछ जगहों से पीछे हटने की बात शामिल है.
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वैंस ने शुक्रवार को कहा कि किसी भी योजना को यूक्रेनी संप्रभुता की रक्षा करनी चाहिए और वह दोनों देशों के लिए स्वीकार्य होनी चाहिए, लेकिन यह "कल्पना” है कि केवल अधिक धन, हथियार या प्रतिबंधों से यूक्रेन यह युद्ध जीत सकता है. वैंस ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर लिखा, "यह एक भ्रम है कि अगर हम और धन, और हथियार या और प्रतिबंध दें, तो जीत अपने आप मिल जाएगी.”
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने शुक्रवार को कहा कि अमेरिकी योजना लगभग चार साल पुराने संघर्ष के अंतिम समाधान का आधार बन सकती है. उन्होंने कहा कि कीव इस योजना का विरोध कर रहा है, लेकिन ना तो वह और ना ही उसके यूरोपीय सहयोगी "यूक्रेन में रूस की प्रगति की वास्तविकता” को समझ रहे हैं. पुतिन ने अलास्का में इसी साल ट्रंप से मुलाकात की थी.
जेलेंस्की का जवाब: हम कभी हार नहीं मानेंगे
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा, "अब यूक्रेन के सामने एक बहुत कठिन विकल्प है. या तो गरिमा खोना, या अपने सबसे बड़े साझेदार को खोने का खतरा उठाना.”
उन्होंने कहा, "मैं दिन-रात यह सुनिश्चित करने के लिए लड़ूंगा कि योजना के कम से कम दो बिंदु कभी नजरअंदाज न हों, यूक्रेन की गरिमा और स्वतंत्रता.”
पुतिन के निवेश प्रतिनिधि किरिल दिमित्रिएव ने कहा कि अमेरिकी योजना का उद्देश्य "यूक्रेनी मौतों और क्षेत्रीय नुकसान को रोकना” है. उन्होंने एक्स पर लिखा, "युद्ध समर्थक प्रचार के कारण कई लोग यह नहीं समझ रहे कि ट्रंप की शांति योजना यूक्रेन को और ज्यादा जमीन व जीवन खोने से बचाने के लिए बनाई गई है.”
समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने दो स्रोतों के हवाले से बताया है कि वॉशिंगटन ने यूक्रेन को चेताया था कि अगर वह इस सौदे को स्वीकार नहीं करता, तो अमेरिका खुफिया जानकारी और हथियारों की सप्लाई रोक सकता है. हालांकि, एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने बाद में कहा कि यह कहना सही नहीं होगा कि अमेरिका ने "धमकी” दी थी.
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियाएं
जेलेंस्की ने शुक्रवार को ब्रिटेन, जर्मनी और फ्रांस के नेताओं के साथ-साथ अमेरिकी उपराष्ट्रपति वैंस से भी बातचीत की. उन्होंने सार्वजनिक रूप से यह सुनिश्चित किया कि वे अमेरिका को नाराज नहीं करना चाहते.
उन्होंने कहा, "हम अमेरिका, राष्ट्रपति ट्रंप और उनकी टीम के उन प्रयासों की सराहना करते हैं जो इस युद्ध को समाप्त करने के लिए किए जा रहे हैं. लेकिन यह एक ऐसी योजना होनी चाहिए जो वास्तविक और गरिमापूर्ण शांति सुनिश्चित करे.”
ब्रिटेन के थिंकटैंक चैथम हाउस के टिम ऐश ने कहा, "अगर यह सौदा होता है, तो रूस को सब कुछ मिल जाएगा और यूक्रेन को बहुत कम. अगर जेलेंस्की इसे स्वीकार करते हैं, तो मुझे यूक्रेन में भारी राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक अस्थिरता की आशंका है.”
इस योजना पर चर्चा जोहान्सबर्ग में हो रहे जी20 शिखर सम्मेलन के दौरान भी होने की संभावना है, जहां यूरोपीय नेता मौजूद हैं. हालांकि ट्रंप ने सम्मेलन का बहिष्कार किया है.
यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काया कालास ने कहा, "हम सभी इस युद्ध का अंत चाहते हैं, लेकिन यह कैसे खत्म होता है, यह बहुत मायने रखता है. रूस को उस देश से कोई रियायत पाने का कानूनी अधिकार नहीं है, जिस पर उसने हमला किया.” उन्होंने कहा, "यह हम सबके लिए एक बहुत खतरनाक क्षण है.”