VIDEO: अलास्का में नहीं हो पाई कोई डील, ट्रंप का ऐलान- जल्द ही पुतिन और जलेंस्की की कराएंगे मीटिंग
अलास्का में ट्रंप और पुतिन के बीच यूक्रेन युद्ध को लेकर तीन घंटे तक बातचीत हुई. (Photo : X)

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके रूसी समकक्ष व्लादिमीर पुतिन ने शुक्रवार को अलास्का में एक बहुत ही महत्वपूर्ण बैठक की. यह बैठक यूक्रेन संघर्ष को समाप्त करने का रास्ता खोजने के लिए थी, जो पिछले 80 सालों में यूरोप के सबसे घातक युद्धों में से एक है. दोनों नेताओं ने इस बातचीत को "बहुत अच्छी" और "आपसी सम्मान" से भरी बताया.

बैठक के बाद ट्रंप ने साफ कर दिया कि "जब तक कोई पक्की डील नहीं हो जाती, तब तक कोई डील नहीं मानी जाएगी". इसका मतलब था कि बैठक में कोई ठोस समाधान नहीं निकला. वहीं, राष्ट्रपति पुतिन ने बातचीत को "गहन और उपयोगी" बताया. पुतिन ने यह भी कहा कि रूस "ईमानदारी से" यूक्रेन में संघर्ष को समाप्त करना चाहता है, लेकिन उन्होंने अपनी कुछ "जायज चिंताओं" का भी जिक्र किया, जिन पर ध्यान देने की जरूरत है.

यह बैठक तीन घंटे तक चली, जिसके बाद दोनों नेताओं ने एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की. फरवरी 2022 में रूस द्वारा यूक्रेन पर आक्रमण करने के बाद से यह युद्ध चल रहा है, जिसमें हजारों लोग मारे जा चुके हैं. हालांकि, दोनों नेताओं ने पत्रकारों के किसी भी सवाल का जवाब नहीं दिया.

ट्रंप ने पत्रकारों से कहा, "हमारी बैठक बेहद सफल रही और कई बातों पर सहमति बनी. बस कुछ ही बातें बची हैं". उन्होंने आगे कहा, "हम अभी मंजिल तक नहीं पहुँचे हैं, लेकिन हमारे पास वहाँ पहुंचने का एक बहुत अच्छा मौका है".

मुख्य बातें

  • अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वह जल्द ही यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की और रूस के राष्ट्रपति पुतिन के साथ एक बैठक आयोजित करवाएंगे.
  • अलास्का में ट्रंप और पुतिन के बीच यूक्रेन युद्ध को लेकर तीन घंटे तक बातचीत हुई.
  • दोनों नेताओं ने बातचीत को "सकारात्मक" बताया, लेकिन किसी भी समझौते पर मुहर नहीं लगी.

रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने मीडिया को पहले संबोधित किया और ट्रंप से ज्यादा देर तक बोले. उन्होंने कहा, "बातचीत एक रचनात्मक और आपसी सम्मान वाले माहौल में हुई. यह बहुत गहन और उपयोगी थी. हमें उम्मीद है कि जो आपसी समझ बनी है, वह यूक्रेन में शांति का मार्ग प्रशस्त करेगी".

उन्होंने यह भी कहा कि मॉस्को को उम्मीद है कि "कीव और यूरोपीय राजधानियां इसे सकारात्मक रूप से देखेंगी और कोई बाधा नहीं डालेंगी".

रूसी राष्ट्रपति ने "उकसावे या पर्दे के पीछे की साजिशों के जरिए हो रही प्रगति को बाधित करने की कोशिशों" के खिलाफ भी चेतावनी दी. उन्होंने कहा, "मैंने एक से अधिक बार कहा है कि रूस के लिए, यूक्रेन की घटनाएं हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बुनियादी खतरों से जुड़ी हैं".

पुतिन ने यह भी कहा कि "यूरोप और पूरी दुनिया में सुरक्षा के क्षेत्र में एक उचित संतुलन फिर से स्थापित किया जाना चाहिए".

रूस पहले भी कई बार यूक्रेन से कह चुका है कि वह NATO (नॉर्थ अटलांटिक ट्रीटी ऑर्गेनाइजेशन) में शामिल होने की अपनी महत्वाकांक्षाओं को छोड़ दे और अपने पूर्वी क्षेत्रों को रूस को सौंप दे, जिन पर मॉस्को ने कब्जा करने का दावा किया है. यूक्रेन ने इस विचार को खारिज कर दिया है और कहा है कि किसी भी शांति समझौते में सुरक्षा गारंटी शामिल होनी चाहिए ताकि रूस फिर से हमला न कर सके.

यह शिखर सम्मेलन अलास्का के सबसे बड़े सैन्य अड्डे 'ज्वाइंट बेस एल्मेंडॉर्फ-रिचर्डसन' में हुआ, जो शीत युद्ध के दौरान सोवियत संघ की जासूसी का एक प्रमुख केंद्र था. दोनों नेता अपने-अपने विमानों से पहुंचे. जब पुतिन ने 2022 में यूक्रेन पर आक्रमण का आदेश देने के बाद पहली बार पश्चिमी धरती पर कदम रखा, तो ट्रंप ने ताली बजाकर उनका स्वागत किया.

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान, ट्रंप ने पुतिन के साथ कई मुद्दों पर सहमति बनने की बात कही, लेकिन इस बारे में कोई विवरण नहीं दिया कि इस दोस्ती भरी मुलाकात का यूक्रेन युद्ध पर क्या असर पड़ेगा.

पुतिन ने अमेरिका और रूस के सहयोग की आवश्यकता पर बात की और प्रगति के बारे में भी सामान्य शब्दों में बात की. जब वह मंच से जा रहे थे और ट्रम्प ने दूसरी बैठक की बात की, तो पुतिन मुस्कुराए और अंग्रेजी में कहा: "अगली बार मॉस्को में".

ट्रंप पहले भी अपने रूसी समकक्ष की प्रशंसा कर चुके हैं. 2018 में एक शिखर सम्मेलन के बाद उनकी बहुत आलोचना हुई थी, जब उन्होंने अमेरिकी खुफिया एजेंसियों के निष्कर्षों को नकारते हुए पुतिन के इस दावे को मान लिया था कि रूस ने 2016 के अमेरिकी चुनाव में हस्तक्षेप नहीं किया था.

व्हाइट हाउस लौटने से पहले, ट्रंप ने पुतिन के साथ अपने संबंधों की शेखी बघारी, युद्ध के लिए पूर्ववर्ती राष्ट्रपति जो बाइडेन को दोषी ठहराया और 24 घंटे के भीतर शांति लाने का वादा किया.

लेकिन पुतिन को बार-बार फोन करने और 28 फरवरी को व्हाइट हाउस की एक बैठक में यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की को सार्वजनिक रूप से डांटने के बावजूद, रूसी नेता ने समझौते के कोई संकेत नहीं दिखाए हैं.

ट्रंप ने पुतिन से अपनी निराशा स्वीकार की है और चेतावनी दी है कि यदि वह युद्धविराम स्वीकार नहीं करते हैं तो "बहुत गंभीर परिणाम" होंगे, लेकिन साथ ही वह अलास्का में उनसे मिलने के लिए भी तैयार हो गए.

इस बैठक का एक ऐतिहासिक महत्व यह भी है कि अमेरिका ने 1867 में अलास्का को रूस से ही खरीदा था. मॉस्को इस सौदे का हवाला देकर जमीनी अदला-बदली को वैध बताता रहा है.