पाकिस्तान की एयरस्ट्राइक में तीन अफगानी क्रिकेटरों की मौत
अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने एक्स पर लिखा है कि बीते शुक्रवार को पक्तिका प्रांत में पाकिस्तान की एयरस्ट्राइक में उनके तीन क्रिकेटरों की मौत हो गई है.
अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने एक्स पर लिखा है कि बीते शुक्रवार को पक्तिका प्रांत में पाकिस्तान की एयरस्ट्राइक में उनके तीन क्रिकेटरों की मौत हो गई है.पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच चल रहे संघर्ष में अफगानिस्तान के तीन स्थानीय क्रिकेटरों की मौत हुई है. अफगानिस्तान के क्रिकेट बोर्ड ने इस बात की जानकारी देते हुए कहा कि बीते शुक्रवार को पक्तिका प्रांत में पाकिस्तान की एयस्ट्राइक में इन तीन खिलाड़ियों की जान चली गई. एक्स पर बोर्ड ने लिखा कि इस हमले में क्रिकेटर कबीर, सिबगतुल्लाह और हारुन समेत कुल 17 नागरिकों की जान गई है. इसके साथ ही इस एयरस्ट्राइक में कुछ बच्चों समेत कुल 16 लोग घायल भी हुए हैं. 48 घंटों के संघर्षविराम के एलान के बावजूद पाकिस्तान की ओर से यह एयरस्ट्राइक की गई.
ये खिलाड़ी पक्तिका प्रांत के शराना जिले में एक स्थानीय मैच में हिस्सा लेने गए थे. वहां से लौटने के दौरान वे एक घर में स्थानीय लोगों के साथ इकट्ठा थे, जिसे एयरस्ट्राइक में निशाना बनाया गया. हमले की निंदा करते हुए बोर्ड ने नवंबर में पाकिस्तान के साथ होने वाली त्रिकोणीय टी20 सिरीज से हटने का फैसला लिया है. यह सीरीज पाकिस्तान, श्रीलंका और अफगानिस्तान के बीच होनी थी.
क्रिकेटरों की मौत से सदमे में अफगानिस्तान क्रिकेट टीम
इस हमले की अफगानिस्तान नेशनल टीम के क्रिकेटरों ने भी निंदा की है. टीम के कप्तान राशिद खान ने इस हमले को अनैतिक और बर्बर बताते हुए एक्स पर लिखा कि वे पाकिस्तान की एयरस्ट्राइक में हुई नागरिकों की मौत से बेहद दुखी हैं. साथ ही उन्होंने लिखा कि इस त्रासदी में महिलाओं, बच्चों और युवा क्रिकेटरों की जान गई जो अपने देश का अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रतिनिधित्व करने का सपना देख रहे थे. उन्होंने अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड के सीरीज से हटने के फैसले की भी सराहना की.
टीम के एक और खिलाड़ी मोहम्मद नबी ने कहा कि यह घटना ना सिर्फ पक्तिका प्रांत के लिए बल्कि पूरे देश और अफगानिस्तान के पूरे क्रिकेट परिवार के लिए एक त्रासदी है. अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार फाउंडेशन ने भी इस हमले की निंदा की है. साथ ही दूसरे अंतरराष्ट्रीय संगठनों से अपील की है कि वे इस घटना और अफगानिस्तान में स्थानीय लोगों के खिलाफ जारी हिंसा की जांच करें.
"कहां जाकर रुकेगा संघर्ष"
अफगानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र मिशन (यूएनएएमए) के मुताबिक पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच चल रहे सीमा तनाव में अब तक 37 आम नागरिकों की मौत हुई है और करीब 425 घायल हुए हैं. इनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं. बढ़ते तनाव के बीच तालिबान के रक्षा मंत्री और इंटेलिजेंस प्रमुख के नेतृत्व में वरिष्ठ नेताओं का एक दल शनिवार को पाकिस्तानी अधिकारियों से बातचीत करने कतर की राजधानी दोहा पहुंचा. इस बैठक की पुष्टि दोनों ही देशों की सरकारों की तरफ से की जा चुकी है. पाकिस्तान की ओर से इस बैठक में इंटेलिजेंस प्रमुख जनरल आसिम मलिक और रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ हिस्सा लेगें.
पाकिस्तान-अफगानिस्तान संघर्ष पर क्या बोले ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने भी इस मामले पर टिप्पणी करते हुए कहा कि उनके लिए इस विवाद को सुलझाना एक आसान काम है. इस साल मई में भारत पाकिस्तान संघर्ष को सुलझाने का एक बार फिर श्रेय लेने के बाद उन्होंने कहा, "मैं जानता हूं कि पाकिस्तान-अफगानिस्तान पर हमले कर रहा है. इस संघर्ष को सुलझाना मेरे लिए आसान है. इस बीच मुझे अमेरिका को भी चलाना है, लेकिन मुझे युद्ध सुलझाना पसंद है."
बीते 16 अक्टूबर को पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि अगर तालिबान अफगानिस्तान की मांग पूरी करेगा तो अस्थायी युद्धविराम संधि को आगे बढ़ाया जा सकता है. पाकिस्तान चाहता है कि अफगानिस्तान पाकिस्तानी तालिबान को पूरी तरह खत्म कर दे और उनका इस्तेमाल पाकिस्तान पर हमले के लिए ना करे. जबकि अफगानिस्तान लगातार इस बात से इनकार करता आया है कि पाकिस्तानी तालिबान उनकी जमीन से अपने ऑपरेशन चला रहा है.
(The above story first appeared on LatestLY on Oct 18, 2025 01:20 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

