Thailand-Cambodia Clashes: सीमा पर बढ़ती हिंसा के बीच थाईलैंड ने लगाया मार्शल लॉ; जानिए अब तक क्या हुआ?
थाईलैंड और कंबोडिया के बीच विवादित सीमा पर हिंसा इतनी बढ़ गई है कि थाई सरकार को उत्तर-पूर्वी सीमावर्ती इलाकों में मार्शल लॉ लगाना पड़ा है.
थाईलैंड और कंबोडिया के बीच विवादित सीमा पर हिंसा इतनी बढ़ गई है कि थाई सरकार को उत्तर-पूर्वी सीमावर्ती इलाकों में मार्शल लॉ लगाना पड़ा है. मार्शल लॉ का मतलब है कि अब उन इलाकों में सेना का सीधा नियंत्रण होगा और आम नागरिक गतिविधियों पर सख्त निगरानी रखी जाएगी. सीमा पर पिछले कुछ दिनों से लगातार झड़पें हो रही हैं, और अब तक कम से कम 12 जगहों पर गोलीबारी और संघर्ष की खबर है.
इस हिंसा में कम से कम 16 लोगों की मौत हो चुकी है. हजारों लोगों को अपना घर छोड़ना पड़ा है. थाईलैंड में 15 लोगों की मौत हुई है जिनमें से 14 नागरिक हैं, जबकि कंबोडिया ने 1 नागरिक की मौत और 5 के घायल होने की पुष्टि की है.
क्या थाईलैंड ने किया अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन?
कंबोडिया के रक्षा मंत्रालय ने थाईलैंड पर "युद्ध अपराध" का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि थाई सेना ने उनके इलाके में क्लस्टर बम (Cluster Munitions) का इस्तेमाल किया है, जो अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत प्रतिबंधित हैं. हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि अब तक नहीं हो पाई है.
दोनों देशों में बड़े पैमाने पर निकासी अभियान
सीमा पर लगातार बमबारी और गोलीबारी की वजह से लोगों में डर का माहौल है. थाईलैंड के सिसाकेत और सुरिन प्रांतों से 1.38 लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला गया है. कंबोडिया के ओडार मींचे प्रांत से 4,000 से अधिक लोग घर छोड़ने पर मजबूर हुए हैं. तस्वीरों में लोग अपने सामान के साथ सरकारी ट्रकों में सवार होते दिख रहे हैं, जिनकी सुरक्षा सेना कर रही है.
क्या है कूटनीतिक हल की उम्मीद?
हालांकि हालात गंभीर हैं, लेकिन थाई सरकार ने कहा है कि वह बातचीत के लिए तैयार है. थाई विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता निकोरंडेज बालनकुरा ने कहा, "अगर कंबोडिया तैयार हो, तो हम यह मामला आपसी बातचीत से सुलझाना चाहते हैं." थाईलैंड ने अमेरिका, चीन और मलेशिया की मध्यस्थता की पेशकश ठुकरा दी, लेकिन कहा कि अगर ASEAN (दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों का संगठन) चाहे, तो वो संवाद में मदद कर सकता है.
संयुक्त राष्ट्र और वैश्विक समुदाय की प्रतिक्रिया
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने दोनों देशों से संयम बरतने और शांति बनाए रखने की अपील की है. अमेरिका, फ्रांस, चीन और यूरोपीय संघ सभी ने तत्काल संघर्षविराम और संवाद फिर से शुरू करने की मांग की है. कंबोडिया के प्रधानमंत्री हुन मानेट ने थाईलैंड पर "बिना उकसावे के हमले" का आरोप लगाते हुए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाने की मांग की है. यह बैठक न्यूयॉर्क में होगी.