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कांगो नदी में बड़ा हादसा, ईंधन विस्फोट से नाव में लगी भीषण आग, 143 लोगों की मौत

कांगो नदी में एक ईंधन से भरी नाव में आग लगने से 143 लोग मारे गए और कई अन्य लापता हो गए. यह हादसा मबांदाका के पास हुआ, जब एक खाना पकाने के दौरान विस्फोट हुआ. कांगो नदी पर अक्सर इस तरह के हादसे होते हैं, क्योंकि यहाँ यात्री यात्रा के लिए मुख्य रूप से नावों का उपयोग करते हैं.

कांगो नदी में बड़ा हादसा, ईंधन विस्फोट से नाव में लगी भीषण आग, 143 लोगों की मौत
Credit-(Pexels)

किन्शासा (डीआर कांगो): कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य में एक दिल दहला देने वाली दुर्घटना में कम से कम 143 लोगों की मौत हो गई है, जबकि दर्जनों अभी भी लापता हैं. यह हादसा तब हुआ जब ईंधन से भरी एक लकड़ी की नाव में आग लग गई और वह उलट गई.

यह भयावह घटना मंगलवार को देश के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र में कांगो नदी पर हुई, जब सैकड़ों यात्री एक ही नाव में सफर कर रहे थे. जोसेफीन-पैसिफिक लोकुमु, जो उस क्षेत्र से राष्ट्रीय प्रतिनिधियों के दल की प्रमुख हैं, ने बताया कि नाव पर भीड़ अत्यधिक थी और आग लगने के बाद स्थिति और भी भयावह हो गई.

हादसा इक्वेटर प्रांत की राजधानी मबंडाका के पास रुकी और कांगो नदी के संगम पर हुआ. यह स्थान दुनिया की सबसे गहरी नदी कहे जाने वाली कांगो नदी पर स्थित है.

लोकुमु ने जानकारी दी कि बुधवार को 131 शव बरामद किए गए, जबकि गुरुवार और शुक्रवार को 12 और शव मिले. इनमें से कई शव बुरी तरह झुलसे हुए हैं. स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता जोसेफ लोकोंडो, जिन्होंने शवों के अंतिम संस्कार में सहायता की, ने बताया कि "अस्थायी मौत का आंकड़ा 145 है – कुछ लोग जलने से मरे, तो कुछ डूब गए."

खाना पकाने की चिंगारी बनी मौत की वजह

लोकुमु ने बताया कि आग एक महिला द्वारा जलाए गए चूल्हे की चिंगारी से लगी. "एक महिला ने खाना पकाने के लिए अंगारों को जलाया, लेकिन ईंधन पास ही रखा था, जिससे जोरदार विस्फोट हुआ और आग फैल गई. इस हादसे में कई महिलाएं और बच्चे जलकर मर गए."

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ दर्दनाक दृश्य

सोशल मीडिया पर इस घटना के वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिनमें एक लंबी नाव को जलते हुए देखा जा सकता है. नाव किनारे से काफी दूर फंसी हुई थी और चारों तरफ धुआं और आग की लपटें थीं. कई छोटी नावों में सवार लोग इसे दूर से देख रहे थे.

यात्रियों की संख्या अज्ञात, परिजन बेहाल

हालांकि नाव में कितने लोग सवार थे, इसकी कोई सटीक जानकारी नहीं मिल पाई है, लेकिन लोकुमु ने बताया कि यह संख्या "सैकड़ों" में थी. कुछ यात्रियों को बचा लिया गया है और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है, लेकिन कई परिवार अब भी अपने लापता परिजनों की तलाश में हैं.

बार-बार दोहराई जा रही है त्रासदी 

डीआर कांगो एक विशाल देश है जिसकी सतह 23 लाख वर्ग किलोमीटर है. देश में सड़कों की भारी कमी है और हवाई सेवाएं भी सीमित इलाकों तक ही सीमित हैं. ऐसे में लोगों का प्रमुख आवागमन जलमार्गों पर निर्भर है — खासकर कांगो नदी और उसकी सहायक नदियों पर. यही कारण है कि देश में नाव दुर्घटनाएं आम हो गई हैं और हर बार बड़ी संख्या में लोगों की जान जाती है.

अक्टूबर 2023 में भी कांगो नदी में एक नाव डूबने से कम से कम 47 लोगों की जान गई थी. वहीं, पिछले साल अक्टूबर में पूर्वी डीआरसी में किवु झील में नाव पलटने से 20 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी. वर्ष 2019 में किवु झील में हुई एक अन्य दुर्घटना में लगभग 100 लोग मारे गए थे.

(The above story first appeared on LatestLY on Apr 19, 2025 12:27 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).