नॉर्थ कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन ने अपने देश की महिलाओं के लिए एक अजीबोगरीब और सख्त फरमान जारी किया है. इस नए नियम के तहत, देश में ब्रेस्ट इंप्लांट यानी स्तन वृद्धि सर्जरी पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है. सरकार का मानना है कि यह एक "असामाजिक" और "पूंजीवादी" काम है.
भेजा जा रहा लेबर कैंप, हो रही सार्वजनिक बेइज्जती
रिपोर्ट्स के मुताबिक, किम जोंग उन की सरकार इस नियम को बहुत सख्ती से लागू कर रही है. जो भी महिला या डॉक्टर इस काम में शामिल पाए जा रहे हैं, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है. सजा के तौर पर उन्हें लेबर कैंप (श्रमिक शिविरों) में भेजा जा रहा है.
यही नहीं, जिन महिलाओं पर सर्जरी कराने का शक होता है, उन्हें किम जोंग उन की स्वास्थ्य टीम द्वारा शारीरिक जांच से भी गुजरना पड़ सकता है. सरकार ने महिलाओं की पहचान के लिए सीक्रेट सर्विस और मोहल्ले की गश्ती टीमों को भी काम पर लगा दिया है.
सर्जन और दो महिलाओं को सबके सामने किया गया शर्मिंदा
हाल ही में, एक सर्जन और ब्रेस्ट इंप्लांट कराने वाली दो महिलाओं को सार्वजनिक रूप से मुकदमे का सामना करना पड़ा. यह घटना सारीवोन शहर के एक कल्चरल हॉल में हुई, जहां एक डॉक्टर और 20 साल की उम्र की दो महिलाओं पर अवैध रूप से ब्रेस्ट सर्जरी करने और कराने का आरोप लगा.
एक सूत्र ने बताया कि डॉक्टर चीन से तस्करी कर लाए गए सिलिकॉन का इस्तेमाल करके अपने घर पर ही अवैध रूप से यह सर्जरी करता था. मुकदमे के दौरान, डॉक्टर और दोनों महिलाएं शर्म के मारे अपना सिर झुकाए खड़ी रहीं. यह दिखाता है कि नॉर्थ कोरिया में लोगों की निजी जिंदगी पर भी सरकार का कितना कड़ा नियंत्रण है.













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