कोविड महामारी के भयानक अनुभव के बाद, दुनिया में किसी भी नए वायरस की खबर से लोग घबरा जाते हैं. हाल ही में रूस में एक रहस्यमयी वायरस के फैलने की अफवाहों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है. सोशल मीडिया और कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि इस वायरस से संक्रमित लोगों को तेज बुखार, बदन दर्द और खांसी में खून आने जैसी गंभीर समस्याएं हो रही हैं. इतना ही नहीं, यह भी कहा गया कि इस पर एंटीबायोटिक दवाएं असर नहीं कर रही हैं.
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दरअसल, रूस के एक SHOT नामक टेलीग्राम न्यूज चैनल ने 29 मार्च को एक रिपोर्ट पब्लिश की थी, जिसमें दावा किया गया था कि कई मरीज हफ्तों से तेज खांसी और बुखार से जूझ रहे हैं. कुछ मामलों में, मरीजों ने खांसी के साथ खून भी आने की शिकायत की.
इसके बाद, यह खबर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई, और लोगों ने इसे कोविड-19 जैसी नई महामारी के संकेत के रूप में देखना शुरू कर दिया. कई रूसी मीडिया हाउस ने भी इस खबर को छापा, जिससे मामला और गर्मा गया.
रूस की स्वास्थ्य एजेंसी ने क्या कहा?
रूस की पब्लिक हेल्थ एजेंसी Rospotrebnadzor ने इन रिपोर्ट्स को पूरी तरह से गलत बताया है. अधिकारियों का कहना है कि रूस में ऐसा कोई नया वायरस नहीं फैला है, और यह सब अफवाहें हैं. रूसी एकेडमी ऑफ साइंस के विशेषज्ञ गेनेडी ओनिशेंको ने भी पुष्टि की है कि किसी नए या अज्ञात वायरस के फैलने के सबूत नहीं मिले हैं.
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वास्तव में कौन सी बीमारी हो सकती है?
रूस के स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, यह नया वायरस नहीं बल्कि मायकोप्लाज़्मा न्यूमोनिया (Mycoplasma Pneumonia) हो सकता है. यह एक बैक्टीरियल संक्रमण है, जो फ्लू जैसी ही सांस की बीमारियों को जन्म देता है. इस संक्रमण में लंबे समय तक खांसी, बुखार और बदन दर्द की समस्या हो सकती है.
रूसी स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है. किसी भी अफवाह पर विश्वास करने से पहले आधिकारिक जानकारी का इंतजार करना ही समझदारी होगी.













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