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VIDEO: ट्रंप के गोबर गिराने वाले AI वीडियो पर भड़के प्रदर्शनकारी, तानाशाही के खिलाफ सड़कों पर उतरे लाखों लोग

अमेरिका के हज़ारों शहरों में लाखों लोग राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तानाशाही नीतियों के खिलाफ़ 'नो किंग्स' प्रदर्शन कर रहे हैं. इसके जवाब में ट्रंप ने कहा तो यह कि वह राजा नहीं हैं, लेकिन साथ ही उन्होंने खुद को ताज पहने हुए दिखाने वाले AI-निर्मित वीडियो भी पोस्ट किए. प्रदर्शनकारियों ने ट्रंप पर देश को गृहयुद्ध की तरफ धकेलने और फासीवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है.

VIDEO: ट्रंप के गोबर गिराने वाले AI वीडियो पर भड़के प्रदर्शनकारी, तानाशाही के खिलाफ सड़कों पर उतरे लाखों लोग
(Photo : X)

Massive 'No Kings' Protest: अमेरिका के कई बड़े शहरों में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ़ लाखों लोग सड़कों पर उतर आए हैं. 'नो किंग्स' (No Kings) यानी 'हमें राजा नहीं चाहिए' नाम से हो रहे इन विरोध प्रदर्शनों में लोग ट्रंप की सख़्त नीतियों और "तानाशाही तरीकों" का विरोध कर रहे हैं. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि ट्रंप मीडिया, अपने राजनीतिक विरोधियों और अप्रवासियों पर लगातार हमले कर रहे हैं.

दिलचस्प बात यह है कि ट्रंप ने इन प्रदर्शनों का जवाब एक अनोखे अंदाज़ में दिया है. एक तरफ़ तो उन्होंने कहा कि "मैं कोई राजा नहीं हूँ", लेकिन दूसरी तरफ़ उन्होंने AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से बने कई ऐसे वीडियो पोस्ट किए हैं, जिनमें वह खुद को एक राजा के रूप में दिखा रहे हैं.

ट्रंप का शब्दों से इनकार, वीडियो से इकरार

एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा, "वे मुझे राजा कह रहे हैं. मैं कोई राजा नहीं हूँ." इसके कुछ ही घंटों बाद उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर एक AI-जेनरेटेड क्लिप पोस्ट की. इस वीडियो में वह ताज पहने हुए एक लड़ाकू विमान उड़ाते दिख रहे हैं और अपने खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों पर गोबर जैसी कोई चीज़ गिरा रहे हैं.

एक और AI वीडियो, जिसे उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने शेयर किया, उसमें ट्रंप ताज और शाही पोशाक पहनते दिख रहे हैं, जबकि उनकी विरोधी नैंसी पेलोसी और दूसरे डेमोक्रेट नेता उनके सामने घुटने टेक रहे हैं.

पूरे अमेरिका में फैले प्रदर्शन

'नो किंग्स' प्रदर्शन अमेरिका के 2,500 से ज़्यादा जगहों पर हो रहे हैं. वॉशिंगटन, बोस्टन, अटलांटा, शिकागो और लॉस एंजिल्स जैसे बड़े शहरों में लोगों ने मार्च निकाला. प्रदर्शनकारियों के हाथों में "विरोध करने से बढ़कर कोई देशभक्ति नहीं" और "फासीवाद का विरोध करो" जैसे नारे लिखी तख्तियां थीं.

सैन फ्रांसिस्को में सैकड़ों लोगों ने समुद्र तट पर अपने शरीर से "No King!" (कोई राजा नहीं) लिखकर विरोध जताया.

एक प्रदर्शनकारी ने कहा, "ऐसा महसूस हो रहा है जैसे हम एक ऐसे अमेरिका में रह रहे हैं, जिसे मैं पहचानता ही नहीं." एक अन्य प्रदर्शनकारी, जो 20 साल तक अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA में काम कर चुके हैं, ने कहा, "मैंने विदेशों में इसी तरह की कट्टरता के खिलाफ़ आज़ादी के लिए लड़ाई लड़ी. और अब मैं अमेरिका में ही कट्टरपंथियों को हमें एक तरह के गृहयुद्ध की ओर धकेलते हुए देख रहा हूं"

ट्रंप के दोबारा व्हाइट हाउस लौटने के बाद यह तीसरा बड़ा देशव्यापी प्रदर्शन है. इससे पहले इसी साल जून में भी 2,100 जगहों पर 'नो किंग्स' प्रदर्शन हुए थे.

(The above story first appeared on LatestLY on Oct 19, 2025 12:46 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).