Oxford-AstraZeneca की कोरोना वैक्सीन के इस्तेमाल पर 9 देशों ने लगाई रोक, ब्लड क्लॉटिंग की शिकायत के बाद लिया गया एक्शन
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: Oxford Twitter)

डेनमार्क (Denmark), नॉर्वे (Norway) के बाद अब थाईलैंड (Thailand) ने भी ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका (Oxford-AstraZeneca) की कोरोना वायरस वैक्सीन (Coronavirus Vaccine) के इस्तेमाल पर रोक लगा दी हैं. इससे पहले कई यूरोपीय देशों ने खून के थक्के जमने (Blood clotting) के भय से इस वैक्सीन पर रोक लगा दी थी. रिपोर्ट्स की मानें तो एस्ट्राजेनेका वैक्सीन लगने के बाद कुछ लोगों में गंभीर साइड इफेक्ट्स दिखे और उनके शरीर में खून का थक्का जमने लगा. जिस वजह से यह कदम उठाया जा रहा है. PM Modi Billboards in Canada: ‘मेड इन इंडिया’ वैक्सीन पाने के बाद पीएम मोदी का मुरीद हो गया कनाडा, टोरंटो की सड़कों पर लगवाए ‘थैंक यू‘ के होर्डिंग्स

थाईलैंड के प्रधानमंत्री प्रयाण चान-ओ-चा ने ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका वैक्सीन के इस्तेमाल को सस्पेंड कर दिया है. 11 मार्च को डेनमार्क में स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा कि वे अस्थाई रूप से एस्ट्राजेनेका के कोविड-19 वैक्सीन के उपयोग को निलंबित कर रहे हैं, ऐसा एहतियात के तौर पर किया गया है.

थाईलैंड नौवां देश है जिसने एस्ट्राजेनेका वैक्सीन पर रोक लगाई हैं. थाईलैंड के अलावा डेनमार्क, नॉर्वे, ऑस्ट्रिया, एस्टोनिया, लातविया, लिथुआनिया, लक्जमबर्ग और आइसलैंड जैसे देशों ने एस्ट्राजेनेका वैक्सीन पर प्रतिबंध लगा दिया हैं.

बीबीसी के खबर के मुताबिक, अब तक 5 मिलियन यूरोपीयों ने इस वैक्सीन की डोज ले ली है, जिसमें से करीब 30 लोगों में खून का थक्का जमने की शिकायत मिली. जबकि डेनमार्क में वैक्सीन लगने के बाद एक 60 वर्षीय महिला की मौत हो गई, उसकी मौत की वजह खून में थक्का जमना ही था. जिसके बाद डेनमार्क ने 14 दिनों के लिए वैक्सीन का इस्तेमाल रोकने का फैसला लिया.

इस बीच खबर है कि ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका कोविड वैक्सीन का टेस्ट पहली बार 6 से 17 वर्ष की आयु के बच्चों पर किया जाएगा. यूरोपीय यूनियन के दवा नियामक यूरोपीय मेडिसिन एजेंसी का दावा है कि वैक्सीन के फायदे इससे होने वाले खतरों की तुलना में बहुत ज्यादा है.

इस पूरे मामले पर एस्ट्राजेनेका ने बताया कि हमारी वैक्सीन में गुणवत्ता को लेकर किसी भी तरह की कोई कोताही नहीं बरती गई है. हमने वैक्‍सीन को तैयार करने में हर मानदंडों का पालन किया है. वैक्सीन के साइड इफेक्ट के किसी गंभीर मामले की पुष्टि नहीं हुई है. डेनमार्क और ऑस्ट्रिया से साइड इफेक्ट की जानकारी सामने आने के बाद हमारी टीम वहां के अधिकारियों के संपर्क में है. हमारी टीम सही कारणों का पता लगाएगी और हर संभव मदद करेगी.