LIVE: कोयला पावर प्लांट से निकलने वाली गैसों की सफाई अब जरूरी नहीं
सरकार ने 10 साल पुराने उस नियम को वापस ले लिया है, जिसके तहत देश में कोयले से चलने वाले 540 पावर प्लांटों को फ्लू-गैस डीसल्फराइजेशन (एफजीडी) सिस्टम लगाने थे, जो इन प्लांटों से निकलने वाली गैसों से सल्फर को हटाते हैं.
सरकार ने 10 साल पुराने उस नियम को वापस ले लिया है, जिसके तहत देश में कोयले से चलने वाले 540 पावर प्लांटों को फ्लू-गैस डीसल्फराइजेशन (एफजीडी) सिस्टम लगाने थे, जो इन प्लांटों से निकलने वाली गैसों से सल्फर को हटाते हैं.केंद्र सरकार ने शुक्रवार देर रात एक गजट नोटिफिकेशन जारी किया, जिसमें कोयला आधारित 79 फीसदी पावर प्लांटों को इस नियम से छूट दी गई है. यानी इन पावर प्लांटों के लिए अब एफजीडी सिस्टम लगाना अनिवार्य नहीं है. ये वह पावर प्लांट हैं जो आबादी वाले और प्रदूषित शहरों के 10 किलोमीटर के दायरे से बाहर स्थित हैं.
कोयला पावर प्लांटों की गैसों से सल्फर हटाना अब जरूरी नहीं
भारत सरकार ने देश में कोयले से चलने वाले अधिकतर ऊर्जा संयंत्रों को सल्फर उत्सर्जन के नियमों से छूट दी है. समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, सरकार ने 10 साल पुराने उस नियम को वापस ले लिया है, जिसके तहत देश में कोयले से चलने वाले 540 पावर प्लांटों को फ्लू-गैस डीसल्फराइजेशन (एफजीडी) सिस्टम लगाने थे, जो इन प्लांटों से निकलने वाली गैसों से सल्फर को हटाते हैं.
केंद्र सरकार ने शुक्रवार देर रात एक गजट नोटिफिकेशन जारी किया, जिसमें कोयला आधारित 79 फीसदी पावर प्लांटों को इस नियम से छूट दी गई है. यानी इन पावर प्लांटों के लिए अब एफजीडी सिस्टम लगाना अनिवार्य नहीं है. ये वह पावर प्लांट हैं जो आबादी वाले और प्रदूषित शहरों के 10 किलोमीटर के दायरे से बाहर स्थित हैं.
आबादी वाले शहरों के पास स्थित 11 फीसदी प्लांटों के लिए एफजीडी लगाने का फैसला, हर एक की जरूरत के आधार पर अलग-अलग लिया जाएगा. वहीं, बाकी 10 फीसदी प्लांट जो दिल्ली या दस लाख से ज्यादा आबादी वाले शहरों के पास स्थित हैं, उनमें दिसंबर, 2027 तक एफजीडी सिस्टम लगवाना होगा.
रॉयटर्स के मुताबिक, भारत में सबसे ज्यादा बिजली उत्पादन करने वाली नेशनल थर्मल पावर कॉर्पोरेशन (एनटीपीसी) ने अब तक अपने 11 फीसदी प्लांटों में इन सिस्टमों को लगवाने में करीब चार अरब डॉलर खर्च किए हैं. इसके अलावा, करीब 50 फीसदी ईकाइयों ने या तो एफजीडी सिस्टमों के लिए ऑर्डर दे दिए हैं, या वे इन्हें स्थापित कर रही हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on Jul 14, 2025 11:40 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

